छत्तीसगढ़: बिजली प्लांट में हुए धमाके की क्या थी वजह? PM मोदी और CM ने जांच के आदेश के साथ किया मुआवजे का ऐलान

वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 13 मजदूरों की मौत और कई लोग घायल हो गए. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांच के आदेश दिए और मुआवजे का ऐलान किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आर्थिक सहायता की घोषणा की है.

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Km Jaya

सक्ती: मंगलवार को छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के एक पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 13 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. यह दुर्घटना वेदांता कंपनी के प्लांट में हुई, जो डभरा थाना क्षेत्र के सिंगीतराई गांव में स्थित है, जहां एक बॉयलर ट्यूब फट गई. पीड़ितों में से चार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नौ ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं. इस बीच PM मोदी ने धमाके में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए ₹2 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. इसके अलावा इस त्रासदी पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने भी मृतकों के परिवारों के लिए ₹5 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 के मुआवजे की घोषणा की.

पुलिस अधीक्षक ने क्या बताया?

पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि यह दुर्घटना सिंगीतराई गांव में स्थित प्लांट में हुए एक जबरदस्त धमाके के कारण हुई. उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना इतनी भीषण थी कि धमाके से पूरे प्लांट में दहशत और अफरा-तफरी मच गई. राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए. 

घायलों को शुरू में पास के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया, जहां से बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायगढ़ भेज दिया गया. घटना की खबर मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को काबू में करने की कोशिश की.

मुख्यमंत्री ने क्या दिया आदेश?

मुख्यमंत्री ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं. विशेष रूप से मुख्यमंत्री ने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है. इस बीच जिला प्रशासन ने भी घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस दुर्घटना की उच्च-स्तरीय जांच की जाए. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

वहां मौजूद लोगों ने क्या बताया?

प्रत्यक्षदर्शियों और प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों ने वहां मची तबाही और दहशत के मंजर को बयां किया. पश्चिम बंगाल के रहने वाले अजीत दास कर जो एक महीने से अधिक समय से प्लांट में पेंटर के तौर पर काम कर रहे थे.

उन्होंने बताया, 'हमने दोपहर करीब 2:30 बजे ही अपना लंच खत्म किया था, तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ. ऐसा लगा जैसे कोई मिसाइल आकर गिरी हो और पूरे इलाके में घना धुआं छा गया. धमाका बॉयलर नंबर 1 में हुआ था, जहां हम काम कर रहे थे. मैं एक अलमारी के अंदर छिपकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा लेकिन जो लोग जमीन पर थे, वे बुरी तरह झुलस गए.'