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नए साल से पहले मारा गया 1.1 करोड़ के इनाम वाला नक्सली, सुरक्षा बलों को खूंखार कमांडर हिड़मा के बाद मिली बड़ी सफलता

कंधमाल जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 1.1 करोड़ के इनामी नक्सली कमांडर गणेश उइके को ढेर कर दिया है. हिडमा के बाद इसे नक्सलवाद के खिलाफ सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है.

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Km Jaya

रायपुर: टॉप नक्सली हिडमा के खात्मे के बाद सुरक्षाबलों को नक्सलवाद के खिलाफ एक और बड़ी कामयाबी मिली है. ओडिशा के कंधमाल जिले में हुए एक बड़े एनकाउंटर में हिडमा के बाद के सबसे बड़े नक्सली नेता गणेश उइके को मार गिराया गया है. इस पर पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह सीपीआई माओवादी की केंद्रीय समिति का सदस्य था. इस कार्रवाई को नक्सल नेटवर्क के लिए गहरा झटका माना जा रहा है.

गुरुवार को चकापाड़ थाना क्षेत्र के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. स्पेशल इंटेलिजेंस विंग से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर यह जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया था. जब सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी की, तो नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने गणेश उइके समेत 6 नक्सलियों को ढेर कर दिया.

कौन था गणेश उइके?

गणेश उइके तेलंगाना के नालगोंडा जिले का रहने वाला था. वह पक्का हनुमंतु, राजेश तिवारी और चमरू जैसे कई नामों से जाना जाता था. ओडिशा में नक्सली संगठन को मजबूत करने और कई बड़ी हिंसक घटनाओं की साजिश रचने में उसकी अहम भूमिका रही थी. उसकी मौत को माओवादी संगठन की रणनीतिक रीढ़ टूटने के तौर पर देखा जा रहा है.

गणेश उइके के अलावा और कौन नक्सली मारे गए?

इस मुठभेड़ में गणेश उइके समेत 6 अन्य नक्सली भी मारे गए हैं, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं. फिलहाल उनकी पहचान की प्रक्रिया चल रही है. घटनास्थल से सुरक्षाबलों ने हथियार, गोला बारूद और नक्सली साहित्य भी बरामद किया है. मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान जारी है ताकि किसी अन्य नक्सली की मौजूदगी को पूरी तरह खत्म किया जा सके.

अमित शाह ने क्या कहा?

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस सफलता को नक्सल मुक्त भारत की दिशा में मील का पत्थर बताया है. उन्होंने कहा कि कंधमाल में हुए इस बड़े ऑपरेशन में केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश उइके समेत कुल छह नक्सली मारे गए हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि ओडिशा से नक्सलवाद अब पूरी तरह खत्म होने की ओर है और सरकार 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे के लिए दृढ़ संकल्पित है.