Godavari Ispat Steel Plant Accident: रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र सिलतरा में शुक्रवार की दोपहर गोदावरी इस्पात लिमिटेड के प्लांट में अचानक एक बड़ा ढांचा ढह गया. घटना इतनी अचानक हुई कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.
हादसे के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. आसपास काम कर रहे मजदूर जान बचाने के लिए भागते नजर आए, जबकि कई लोग मलबे में दब गए.
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. रायपुर एसपी लाल उमेद सिंह ने बताया, 'हमें सूचना मिली थी कि गोदावरी इस्पात प्लांट में छत गिरने से कुछ मजदूर फंसे हुए हैं. अब तक 6 शव बरामद किए गए हैं और 6 घायल मजदूरों को अस्पताल भेजा गया है. राहत अभियान जारी है.' मौके पर एनडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमें भी तैनात हैं, जो मलबे को हटाकर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रही हैं.
घायल मजदूरों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है. दूसरी ओर, मृतकों और घायलों के परिवार के सदस्य फैक्ट्री गेट पर जमा हो गए हैं. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपने प्रियजनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं. कई मजदूरों के परिजन घटनास्थल पर प्रशासन से जवाब मांगते भी नजर आए.
प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि प्लांट का स्ट्रक्चर कमजोर हो चुका था, लेकिन समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई. हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन होता, तो शायद मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी. फिलहाल हादसे की असली वजह जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी.
रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में मजदूर फैक्ट्रियों और स्टील प्लांट्स में काम करते हैं. इस तरह की घटनाएं न केवल मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही दिखाती हैं, बल्कि उद्योगों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाती हैं. श्रमिक संगठनों ने मांग की है कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.