NEET 2024 Paper Leak: सीबीआई की लेट चार्जशीट बनी मुख्य आरोपी संजीव मुखिया के लिए वरदान, नीट पेपर लीक केस में मिली जमानत

NEET-2024 पेपर लीक मामले में आरोपी संजीव मुखिया को CBI द्वारा समय पर चार्जशीट दाखिल न करने के कारण पटना की विशेष अदालत से जमानत मिल गई. 90 दिनों की हिरासत के बाद भी आरोप पत्र दाखिल न करने पर अदालत ने जमानत दी. अब तक 49 गिरफ्तारियां और 45 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं.

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Km Jaya

पटना की सीबीआई विशेष अदालत से नीट-2024 पेपर लीक मामले में आरोपी संजीव मुखिया को जमानत मिल गई है. यह जमानत भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 के तहत दी गई है, जिसमें प्रावधान है कि यदि 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल नहीं किया जाता तो आरोपी को जमानत का अधिकार मिल जाता है.

1 मई 2025 को संजीव मुखिया को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, लेकिन 90 दिन की समय सीमा के भीतर  CBI ने उसके खिलाफ कोई आरोप पत्र दाखिल नहीं किया. इसके आधार पर आरोपी ने अदालत में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह ने मंजूरी दे दी.

प्रश्नपत्र लीक के आरोप

5 मई को पूरे देश में नीट-2024 परीक्षा आयोजित की गई थी. इसके तुरंत बाद पटना के शास्त्रीनगर थाने में प्रश्नपत्र लीक के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी. प्रारंभ में जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंपी गई, लेकिन बाद में मामला CBI को सौंप दिया गया.

CBI ने की जांच

CBI ने 23 जून 2024 को एफआईआर संख्या RC 224/2024 दर्ज कर जांच शुरू की और इसे विशेष अदालत संख्या-2 में स्थानांतरित कर दिया गया. इस केस में अब तक 49 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 45 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं.

चार पूरक आरोप पत्र दायर 

CBI ने अब तक चार पूरक आरोप पत्र दायर किए हैं. जुलाई 2024 में 13 लोगों के खिलाफ मुख्य आरोप पत्र दाखिल किया गया था. इसके बाद 19 सितंबर, 7 अक्टूबर, 7 नवंबर और 22 नवंबर को पूरक आरोप पत्र दाखिल किए गए.

इस मामले में लंबे समय से फरार 

संजीव मुखिया इस मामले में लंबे समय से फरार था. वह अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक में भी आरोपी रहा है. उसकी गिरफ्तारी के बाद, 28 अप्रैल को अदालत ने पेशी वारंट जारी किया और 1 मई से उसे न्यायिक हिरासत में रखा गया.

संजीव मुखिया जांच में सहयोग

अदालत ने जमानत देते हुए यह स्पष्ट किया कि संजीव मुखिया जांच में सहयोग करेगा और कोई बाधा उत्पन्न नहीं करेगा. मामले की संवेदनशीलता और आरोपियों की सरकारी नेटवर्क से मिलीभगत को देखते हुए भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं.

परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता 

नीट-2024 प्रश्नपत्र लीक प्रकरण ने देश भर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सरकारों पर इस मामले में कठोर सुधारात्मक कदम उठाने का दबाव लगातार बढ़ रहा है.