तुर्की के संसद में जब चलने लगे 'लात-घूसे', सांसदों ने एक दूसरे पर किया हमला; देखें वीडियो
संसद अब जनता की राय रखने की जगह नहीं बल्कि रणभूमि बन चुका है. यह बात केवल हमारे देश के लिए नहीं बल्कि तुर्की जैसे देशों के लिए भी है, क्योंकि वहां के पार्लियामेंटम में बुधवार को जमकर तमाशा हुआ.
नई दिल्ली: भारत के संसद में कई बारे नारे बाजी और विरोध प्रदर्शन होता रहता है लेकिन विदेश का ऐसा नजारा शायद कभी-कभी ही नजर आए. तुर्की के पार्लियामेंट से एक वीडियो सामने आ रहा है, जिसमें पक्ष और विपक्ष के नेता किसी मुद्दे पर बहस करते नजर आ रहे हैं, हालांकि देखते-देखते ये बहस झड़प में तबदील हो जाता है.
तुर्की की पार्लियामेंट का यह नजारा बुधवार का है. जिसमें रूलिंग पार्टी और अपोज़िशन के सांसदों के बीच नए जस्टिस मिनिस्टर के अपॉइंटमेंट को लेकर घमासान करते नजर आ रहे है. जानकारी के मुताबिक पक्ष और विपक्ष के इस झड़प की वजह से पार्लियामेंट की कार्यवाही में रुकावट आई और सेशन को कुछ समय के लिए सस्पेंड करना पड़ा.
तुर्की संसद में क्यों बढ़ा तनाव?
तुर्की पार्लियामेंट में तनाव तब और ज्यादा बढ़ गया जब अपोज़िशन के सांसदों ने फेरबदल के बाद प्रेसिडेंट रेसेप तैयप एर्दोगन द्वारा नए अपॉइंट किए गए अकिन गुरलेक को शपथ लेने से रोकने की कोशिश की. सामने आ रही तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सासंद एक दूसरे को धक्का देते और मुक्का चलाते भी नजर आ रहे हैं.
यह विवाद तब और भी ज्यादा बढ़ गया जब विपक्ष ने पावरफुल जस्टिस मिनिस्ट्री में गुरलेक के नॉमिनेशन पर आपत्ति जताई. फिर विपक्षी नेताओं ने गुरलेक को शपथ ग्रहण समारोह में आगे बढ़ने से रोकने के लिए पोडियम के पास जमा हो गए. जिसके बाद रूलिंग जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी के सदस्य नॉमिनी को बचाने के लिए आगे बढ़े, जिससे पार्लियामेंट्री फ्लोर पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
15 मिनट के लिए रुका पार्लियामेंट
विपक्षी पार्टियों द्वारा विरोध के बाद पार्लियामेंट को 15 मिनट के लिए रोक दिया गया. इसके बाद रूलिंग पार्टी के सांसदों ने गुरलेक को चारों तरफ से घेर कर शपथ दिलाया. गुरलेक पहले इस्तांबुल के चीफ पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के तौर पर काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने मुख्य विपक्षी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी के सदस्यों से जुड़े कई हाई-प्रोफाइल केस देखे.
विपक्षी नेताओं ने लंबे समय से उन पर सरकार की आलोचना करने वालों को कमजोर करने के मकसद से राजनीति से प्रेरित केस चलाने का आरोप लगाया है. उनका तर्क है कि न्याय मंत्री के तौर पर उनकी पदोन्नति देश में न्यायिक स्वतंत्रता को और कमजोर करती है. CHP और दूसरे विपक्षी ग्रुप्स का कहना है कि उनका रिकॉर्ड तुर्की में कानून के राज और डेमोक्रेटिक जवाबदेही के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है.