ट्रंप की धमकी हुई फेल, अपनी ही पार्टी के 6 सांसदों ने की बगावत, कनाडाई टैरिफ हटाने के पक्ष में किया वोट

अमेरिकी हाउस ने डेमोक्रेट्स के संशोधन को 219-211 वोटों से मंजूरी दे दी है, जिसमें 6 रिपब्लिकन सांसद भी शामिल हुए. यह कनाडाई सामानों पर ट्रंप के टैरिफ को खारिज करने का प्रतीकात्मक कदम है. ट्रंप ने विरोध करने वालों को चुनावी सजा की धमकी दी थी.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: अमेरिकी राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनियों और खुली धमकियों के बावजूद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने कनाडाई आयात पर लगे टैरिफ को हटाने के पक्ष में वोटिंग की. डेमोक्रेट्स द्वारा लाया गया संशोधन 219 के मुकाबले 211 वोटों से पास हो गया.

इस जीत में छह रिपब्लिकन सांसदों का साथ मिलना खास बात है. हालांकि यह कदम ज्यादातर सांकेतिक है क्योंकि सीनेट और राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना कानून नहीं बनेगा. ट्रंप ने अपनी ही पार्टी के सांसदों को ट्रुथ सोशल पर चेताया कि टैरिफ के खिलाफ वोट करने वालों को चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.

हाउस में ऐतिहासिक वोटिंग

डेमोक्रेट्स ने ट्रंप द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल के नाम पर लगाए गए टैरिफ को चुनौती देने वाला संशोधन पेश किया. मतदान में 219 सांसदों ने हां में और 211 ने ना में वोट डाला. छह रिपब्लिकन सांसदों ने पार्टी लाइन तोड़कर डेमोक्रेट्स का साथ दिया. यह वोट उन राष्ट्रीय इमरजेंसी उपायों को कमजोर करने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है, जिनके आधार पर ट्रंप ने कनाडा समेत कई देशों पर भारी टैरिफ लगाए थे.

ट्रंप की कड़ी धमकी

वोटिंग से ठीक पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर अपनी ही पार्टी के सांसदों को चेतावनी दी. उन्होंने लिखा कि कोई भी रिपब्लिकन जो टैरिफ के खिलाफ वोट करेगा, उसे अगले चुनाव में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. ट्रंप का दावा था कि टैरिफ ने अमेरिका को आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा दी है. उन्होंने सांसदों से कहा कि इस अधिकार को कमजोर करने की जिम्मेदारी किसी रिपब्लिकन पर नहीं डाली जानी चाहिए.

कानूनी रास्ता और वीटो की बाधा

संशोधन अब सीनेट में जाएगा, जहां रिपब्लिकन बहुमत होने से पास होने की संभावना कम है. अगर सीनेट से भी मंजूरी मिलती है तो ट्रंप के वीटो का सामना करना पड़ेगा. वीटो को रद्द करने के लिए कांग्रेस के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए, जो फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा. इसलिए विशेषज्ञ इसे ट्रंप की व्यापार नीति के खिलाफ राजनीतिक संदेश मान रहे हैं. 

ट्रंप के टैरिफ के राजनीतिक मायने

ट्रंप ने पिछले साल कनाडा से आने वाले स्टील, एल्यूमिनियम और अन्य सामानों पर भारी टैरिफ लगाए थे. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव बढ़ा और अमेरिकी उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ा. छह रिपब्लिकन सांसदों की बगावत से पार्टी में असंतोष साफ दिख रहा है. आने वाले समय में सीनेट की कार्रवाई और ट्रंप की अगली रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं.