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प्रिंसिपल ही निकली 'खूनी', खुद बताया मासूम को क्यों नाली में फेंका, होश उड़ा देगी ये कहानी

Ayush Death Case: बीते गुरुवार से लापता 4 साल के छात्र आयुष कुमार का शव शुक्रवार को नाले में  मिला था. अब स्कूल के प्रिंसिपल ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. 

India Daily Live

Ayush Death Case: बिहार के पटना में टिनी टॉट एकेडमी स्कूल में 4 साला के छात्र आयुष के नाले में मिले शव वाले मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस की पूछताछ में स्कूल की प्रिंसिपल वीणा झा ऊर्फ पुतुल झा ने बच्चे को नाले में फेंकने की बात कबूल कर ली है. 

प्रिंसिपल ने पुलिस को बताया कि स्कूल में खेलते समय आयुष स्लाइडर से गिर गया था. गिरने से वो बेहोश हो गया था और उसके सिर में भी चोट लगी थी. उन्होंने खून ज्यादा बहने के चलते वह डरा गई थीं. उन्होंने अपने 21 वर्षीय बेटे धनंजय झा को इसकी जानकारी दी. इसके बाद मां-बेटे ने मिलकर खून के धब्बे साफ किए और फिर आयुष को गटर में फेंक दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा और वे बच जाएंगे. 

शुक्रवार मिला था छात्र का शव

शुक्रवार  को देर रात पुलिस को आयुष का शव गटर से बरामद किया था. इसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी. इस मामले में पुलिस ने स्कूल की प्रिंसिपल और उसके बेटे को हिरासत में लिया था. पूछताछ में प्रिंसिपल ने पूरी घटना बताई. 

आयुष की 5 साल की बहन ने भी बताई थी आंखों देखी

आयुष की 5 साल की बहन प्रिया भी इसी स्कूल में पढ़ती थी. उसने बताया था कि 'धनराज सर आयुष को गटर में रखकर ऊपर से लकड़ी का पटरा रख रहे थे. इसके बाद उसपर प्लास्टिक का बोरा रख दिया और वहां से निकलकर मेन गेट को बंद कर दिया. हम लोग आयुष का खोजने लगे. हम लोगों ने कहा कि आपने ही मेरे भाई को रखा है. मेरे भाई को वापस कीजिए. इस पर धनराज सर ने क्लास की ओर जाने से मना कर दिया. मैंने कहा कि घर जाकर पापा को बताऊंगी तो धनराज सर ने धमकी भी दी थी. उन्होंने कहा कि अगर तुमने किसी को बताया तो देखना की तुम्हारा क्या हाल होता है. इसके कारण मैंने किसी से कुछ नहीं कहा.'

आरोपियों ने कबूल किया जुर्म

सिटी एसपी सेंट्रल चंद्र प्रकार ने बताया कि आयुष को खेलने के दौरान चोट लग गई थी. ज्यादा खून निकल गया था तो स्कूल की प्रिंसिपल और उसका बेटा डर गया. उन्होंने बच्चे को अस्पताल भेजने की जगह गटर में डाल दिया. इससे उसकी मौत हो गई. दोनों ने अपनी जुर्म कबूल कर लिया है. 

भीड़ ने लगाई स्कूल में आग

शव मिलने से गुस्साई लोगों ने स्कूल कैंपस में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी. इसके बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था. पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को समझाकर वहां से हटाया था. स्कूल प्रशासन से जुड़े तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. आयुष की मौत के मामले में दीघा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. इसमें एक मामला हत्या और दूसरा तोड़फोड़ व आगजनी का है.