T20 World Cup 2026

कैसे NDA के लिए 'रविंद्र जडेजा' बने चिराग पासवान, चुनाव में निभाई फिनिशर की भूमिका?

2024 के लोकसभा चुनाव में 5 सीटों पर 5 जीत दर्ज कर राष्ट्रीय चर्चा में आए चिराग पासवान को प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय ‘हनुमान’ की उपाधि दी थी. विधानसभा चुनाव 2025 में उन्होंने उस पहचान को और मजबूत किया है.

Social Media
Kanhaiya Kumar Jha

पटना: शुक्रवार दोपहर जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव के रुझान स्पष्ट होते गए, सोशल मीडिया पर चर्चा का बाजार गर्म होता चला गया. इसकी मुख्य वजह थी, एनडीए का भारी बहुमत की ओर बढ़ता ग्राफ और चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) का बेहतरीन प्रदर्शन. राजनीतिक गलियारे में चिराग की भूमिका को ‘फिनिशर’ के रूप में देखा जा रहा है, ठीक वैसे ही जैसे क्रिकेट में रविंद्र जडेजा आखिरी ओवरों में मैच को पलट देते हैं.

29 सीटों पर दांव, 23 पर बढ़त

इस चुनाव में LJP(RV) ने 29 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जबकि बीजेपी और जेडीयू ने 101–101 सीटों पर मुकाबला किया. NDA की बड़ी पार्टियों ने मज़बूत शुरुआत की और अंतिम समय में चिराग पासवान की पार्टी ने गठबंधन को निर्णायक बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

लोकसभा 2024 के बाद फिर कमाल

2024 के लोकसभा चुनाव में 5 सीटों पर 5 जीत दर्ज कर राष्ट्रीय चर्चा में आए चिराग पासवान को प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय ‘हनुमान’ की उपाधि दी थी. विधानसभा चुनाव 2025 में उन्होंने उस पहचान को और मजबूत किया है. 29 में से 23 सीटों पर बढ़त के साथ पार्टी का स्ट्राइक रेट लगभग परफेक्ट रहा. मगध, सीमांचल और पाटलिपुत्र क्षेत्रों में LJP(RV) ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 5% से अधिक वोट शेयर हासिल किया.

NDA को मिला परफेक्ट वोट ट्रांसफर

एग्जिट पोल के इतर जमीन पर दिखी तस्वीर में सबसे बड़ा फैक्टर रहा NDA वोट का सुचारू ट्रांसफर. बीजेपी और जेडीयू के समर्थकों ने LJP(RV) के प्रत्याशियों को बड़े पैमाने पर वोट दिया, वहीं चिराग पासवान ने भी गठबंधन के प्रति पूरी निष्ठा दिखाते हुए वोट ट्रांसफर को मजबूती प्रदान की.

2020 की तुलना में चौंकाने वाला बदलाव

चिराग का यह प्रदर्शन 2020 विधानसभा चुनाव के बिल्कुल विपरीत है. तब LJP(RV) ने 137 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ एक जीत हासिल की थी और ‘एंटी-नीतीश’ अभियान चलाकर जेडीयू को नुकसान पहुंचाया था. जबकि इस बार NDA के साथ रहते हुए उन्होंने न सिर्फ अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत की, बल्कि नीतीश कुमार और पूरे गठबंधन की सीटों में बढ़ोतरी में भी बड़ा योगदान दिया.

NDA में बढ़ेगा चिराग का कद

इस चुनाव ने चिराग पासवान को NDA में एक मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित कर दिया है. उन्होंने एक बार फिर साबित किया है कि वे गठबंधन की जीत में ‘हनुमान’ की भूमिका निभाने में सक्षम हैं. जेडीयू और LJP(RV) के बीच लंबे समय से चली आ रही तकरार के बावजूद यह सफलता चिराग की राजनीतिक पूंजी को और बढ़ाएगी और आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में नए समीकरण आकार ले सकते हैं.