एक बार फिर जनता के बीच पहुंचेंगे सीएम सम्राट चौधरी, 8 दिन में आज दूसरी बार लगेगा दरबार

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज दूसरा जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे. साथ ही कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी देकर विकास योजनाओं को भी गति दी गई है.

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Km Jaya

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तेजी से कदम उठा रहे हैं. बुधवार को हुई एक अहम कैबिनेट बैठक के बाद CM सम्राट चौधरी आज गुरुवार को अपना 'जनता दरबार' लगाने जा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक 'जनता दरबार' का आयोजन मुख्यमंत्री सचिवालय में किया जाएगा. उम्मीद है कि पूरे बिहार से लोग सम्राट चौधरी के 'जनता दरबार' में अपनी-अपनी शिकायतें लेकर पहुंचेंगे. 

इन समस्याओं को सुनने के बाद CM वहां मौजूद अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश देंगे. खास बात यह है कि बिहार के नए मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी का यह दूसरा 'जनता दरबार' है. इससे पहले सम्राट चौधरी ने CM का पद संभालने के सिर्फ दो दिन बाद ही एक 'जनता दरबार' लगाया था. इस तरह अपने शासन के सिर्फ आठ दिनों के अंदर ही सम्राट चौधरी इस 'जनता दरबार' पहल के जरिए दूसरी बार जनता से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं.

कब से हुई थी इसकी शुरूआत?

एक बार फिर दूर-दराज के इलाकों से लोग इस 'जनता दरबार' में शामिल होने और अपनी समस्याएं बताने के लिए सफर करके आए हैं. जैसा कि पहले बताया गया है, 'जनता दरबार' लगाने का यह तरीका, जिसे जनता की शिकायतों को सुलझाने और नागरिकों से सीधा जुड़ाव बनाने के लिए बनाया गया था. उसकी शुरुआत असल में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी. सम्राट चौधरी भी जनता से सीधा जुड़ाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

अपने पहले 'जनता दरबार' के दौरान सम्राट चौधरी ने बिहार की जनता की अर्जियों को बड़े ध्यान से सुना था. राज्य के अलग-अलग जिलों से नागरिक अपनी लिखी हुई अर्जियां लेकर पटना पहुंचे थे.

पहली बैठक में कितने प्रस्तावों को मिली थी मंजूरी?

आज के कार्यक्रम से पहले सम्राट कैबिनेट की पहली बैठक जो बुधवार को हुई थी, उसमें कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें राज्य सरकार की एक योजना भी शामिल थी, जिसके तहत राजधानी पटना सहित 11 बड़े शहरों के आस-पास के इलाकों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएंगी. 

कौन-कौन था मौजूद?

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई यह कैबिनेट बैठक लगभग एक घंटे तक चली, जिसमें दोनों उपमुख्यमंत्री भी मौजूद थे. कैबिनेट के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि इन प्रस्तावित टाउनशिप में से हर एक को अपना अलग नाम दिया जाएगा. 

जैसे ही शहरी विकास और आवास विभाग द्वारा इससे संबंधित अधिसूचना जारी की जाएगी, संबंधित शहरों के आस-पास के निर्धारित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण के साथ ही जमीन के विकास या भवन निर्माण पर रोक लगा दी जाएगी. उम्मीद है कि विभाग जल्द ही यह अधिसूचना जारी कर देगा. यह रोक 2027 तक लागू रहेगी.