menu-icon
India Daily

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एनडीए कल जारी कर सकती है घोषणा पत्र

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए अपना घोषणा पत्र कल जारी कर सकता है. एनडीए युवाओं और महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान कर सकता है.

Gyanendra Sharma
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एनडीए कल जारी कर सकती है घोषणा पत्र
Courtesy: X-@BJP4India

पटना: बिहार चुनाव को लेकर सभी पार्टियां अपने दावे के साथ जनता के पास जा रही है. आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर तय मानी जा रही है. जहां महागठबंधन ने मंगलवार को अपना 'तेजस्वी प्रण' नामक साझा घोषणा पत्र जारी कर जनता को लुभाने की कोशिश की है, वहीं एनडीए कल यानी 31 अक्टूबर को अपना संकल्प पत्र लाने की तैयारी में जुटा है. 

सूत्रों की मानें तो यह दस्तावेज बिहार की जनता के लिए विकास, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं से लबालब भरा होगा. बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होने हैं, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी. वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है. पिछले चुनाव (2020) में एनडीए ने बहुमंडी हासिल कर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया था, लेकिन इस बार विपक्ष की ओर से तेजस्वी यादव को सीएम फेस के रूप में पेश किया जा रहा है. 

महागठबंधन ने अपने घोषणा पत्र में हर घर नौकरी, महिलाओं के लिए माहौल योजना, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, संविदा कर्मचारियों को स्थायी नौकरी और किसानों के लिए विशेष पैकेज जैसे वादे किए हैं. इन वादों ने विपक्ष को मजबूती दी है, लेकिन एनडीए अब अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतरने को तैयार है.

पटना में हुई संयुक्त बैठक

एनडीए के संकल्प पत्र को लेकर खासी उत्सुकता बनी हुई है. गठबंधन में शामिल प्रमुख दल- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (लोजपा-रा), राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम)- के नेताओं की संयुक्त बैठक पटना में हुई. इस बैठक में तय किया गया कि संकल्प पत्र को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में जारी किया जाएगा. 

इसमें बिहार को 'विकसित बिहार' बनाने का विजन होगा, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया जाएगा. संभावित घोषणाओं में महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता, युवाओं के लिए रोजगार मेलों का आयोजन, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क-पानी जैसी सुविधाओं का विस्तार शामिल हो सकता है.