पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों ने कांग्रेस और महागठबंधन के लिए बेहद निराशाजनक तस्वीर पेश की है. इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है. मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक बार फिर चुनावी शिकस्त की ओर बढ़ रही है.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर हार के लिए किसी प्रकार का पुरस्कार होता तो राहुल गांधी इसे हर बार जीत लेते. मालवीय ने दावा किया कि राहुल गांधी पिछले दो दशकों में 95 चुनावी हार के साक्षी रहे हैं और अब वे हार के 'सेंचुरी क्लब' में शामिल होने से सिर्फ पांच कदम दूर हैं.
Rahul Gandhi!
— Amit Malviya (@amitmalviya) November 14, 2025
Another election, another defeat!
If there were awards for electoral consistency, he’d sweep them all.
At this rate, even setbacks must be wondering how he finds them so reliably. pic.twitter.com/y4rH6g62qG
अमित मालवीय ने लिखा कि कई लोग राहुल गांधी को '9 से 5 ब्लेम-गेम पॉलिटिशियन' कहते हैं, जो हार के बाद संस्थाओं पर आरोप लगाने की आदत रखते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संस्थाओं पर हमला करना राहुल गांधी की पुरानी रणनीति का हिस्सा है. मालवीय ने अपने पोस्ट में उन राज्यों के ग्राफिक्स भी साझा किए, जहां राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को लगातार हार का सामना करना पड़ा है. शुरुआती रुझानों के अनुसार कांग्रेस बिहार की 60 सीटों में से केवल चार पर ही आगे चल रही थी, जो पार्टी के लिए एक बेहद कमजोर प्रदर्शन माना जा रहा है.
बिहार की कुल 243 सीटों में से एनडीए बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचती दिख रही है. दोपहर एक बजे तक बीजेपी 89 सीटों पर आगे थी जबकि उसकी सहयोगी जेडीयू 79 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी. दूसरी ओर महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, वीआईपी और वाम दलों की स्थिति मिलाजुला कर भी बेहद खराब नजर आ रही है. एनडीए के इन रुझानों ने यह साफ कर दिया है कि बिहार में सत्ता एक बार फिर एनडीए के हाथों में जाती दिख रही है.
इस बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार ने पार्टी की आंतरिक कमजोरियों को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि संगठनात्मक कमजोरी, खराब रणनीति और जमीनी स्तर पर कमजोर तैयारी के कारण कांग्रेस को यह बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. निखिल कुमार ने यह भी कहा कि पार्टी ने कई जगहों पर सक्षम उम्मीदवारों को मौका नहीं दिया और ऐसे लोगों को टिकट दिया गया जिनके जीतने की संभावनाएं कमजोर थीं.
उन्होंने स्वीकार किया कि बेहतर समन्वय और व्यापक भागीदारी के अभाव ने कांग्रेस को कई महत्वपूर्ण सीटों पर नुकसान पहुंचाया है. निखिल कुमार ने कहा कि पार्टी को संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर नए सिरे से कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है.