T20 World Cup 2026

14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, 32 गेंदों में शतक जड़कर तोड़ डाले कई रिकॉर्ड्स

भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच दूसरा मैच चल रहा है. वैभव सूर्यवंशी ने इस मैच में इतिहास रच दिया है. वह भारतीय क्रिकेट टीम के नए सुपरस्टार बन गए हैं. उन्होंने मात्र 32 गेंदों में शतक बनाया.

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Anubhaw Mani Tripathi

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में समय-समय पर ऐसे खिलाड़ियों का उदय होता है, जो अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से सबका ध्यान खींच लेते हैं. इंडिया ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी ऐसा ही कारनामा करते हुए क्रिकेट गलियारों में तहलका मचा दिया है. सूर्यवंशी ने मात्र 32 गेंदों पर शतक ठोककर चयनकर्ताओं और दर्शकों दोनों को हैरान कर दिया. उनकी यह पारी न सिर्फ मैच का रुख बदलने वाली रही, बल्कि यह संकेत भी दे गई कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा मैच-विनर मिलने वाला है.

सूर्यवंशी की धाक 

टॉस जीतकर भारत ए ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. शुरुआत भले ही उम्मीद के मुताबिक न रही हो, लेकिन दूसरे छोर से सूर्यवंशी ने ऐसा तूफान खड़ा किया कि विपक्षी गेंदबाजी की योजना धरी की धरी रह गई. उन्होंने मुहम्मद फ़राज़ुद्दीन की गेंद पर अहमद तारिक को कैच थमाने से पहले 42 गेंदों में 144 रन की विस्फोटक पारी खेली.

उनकी पारी की सबसे खास बात थी उनका 342.86 का स्ट्राइक रेट, जो टी20 क्रिकेट में भी दुर्लभ माना जाता है. 11 चौके और 15 छक्कों की बरसात ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और विपक्षी गेंदबाज़ों के होश उड़ा दिए. सूर्यवंशी की यह पारी आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट की मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप का संकेत देती है.

17 ओवर में 4 विकेट पर 245 रन

भारत ए की टीम ने सिर्फ 17 ओवर में ही 4 विकेट पर 245 रन ठोक दिए थे. यह स्कोर किसी भी स्तर पर टीम की विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रमाण है. सूर्यवंशी के आउट होने के बाद भी रन रेट पर कोई फर्क नहीं पड़ा. जितेश शर्मा 23 गेंदों पर 46 रन बनाकर तेजी से आगे बढ़ रहे थे. वहीं रमनदीप सिंह 5 गेंदों पर 4 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे और पारी को स्थिरता देने की कोशिश कर रहे थे. टीम की यह स्थिति दर्शाती है कि अगर पारी अंत तक इसी गति से चली तो भारत ए किसी भी बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ सकता है.

क्यों खास हैं वैभव सूर्यवंशी?

सिर्फ 32 गेंदों में शतक लगा पाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि होती है. सूर्यवंशी की टाइमिंग, पावर और आत्मविश्वास तीनों का मेल देखने लायक था. भारतीय क्रिकेट में आने वाले वर्षों में तेज बल्लेबाजी की बड़ी जरूरत रहेगी, और सूर्यवंशी इसी मांग को पूरा करने का दमखम रखते नजर आते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उन्हें लगातार मौके मिलते रहे, तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी धूम मचा सकते हैं. उनकी बल्लेबाजी का अंदाज आधुनिक क्रिकेट की मांगों के अनुरूप है और उनके अंदर मैच का रुख बदलने का स्वभाविक हुनर दिखता है.

इंडिया ए के इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की धाकड़ पारी न सिर्फ मैच की शान बन गई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी कितनी प्रतिभाशाली है. चयनकर्ताओं की निगाहें इस युवा खिलाड़ी पर टिकना तय माना जा रहा है.