'मेरे बटुए में छह डॉलर बचे थे...', जब सुमित नागल को विराट कोहली ने भिजवाए पैसे
सुमित नागल जब पैसों की तंगी से जूझ रहे थे तब विराट कोहली ने उनकी मदद की थी. नागल ने इसके बारे में जानकारी दी थी.
Australian Open 2024: भारत के सुमित नागल ने ऑस्ट्रेलिया ओपन में धमाल मचा दिया है. समित ने 34 साल के इंतजार खत्म कर दिया है. किसी भारतीय ने 1989 के बाद ग्रैंड स्लैम में किसी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को हराया है. लेकिन एक वक्त ऐसा था जब उनके पास पैसे नहीं थे. नागल वित्तीय संकट से गुजर रहे थे. उस वक्त विराट कोहली ने उनकी मदद की थी.
विराट कोहली ने की थी मदद
सुमित नागल जब पैसों की तंगी से जूझ रहे थे तब विराट कोहली ने उनकी मदद की थी. नागल ने इसके बारे में जानकारी दी थी. बॉम्बे टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में नागल ने खुलासा किया थि कि कैसे कोहली और उनके फाउंडेशन ने उस समय उनका समर्थन किया जब उनकी जेब में सिर्फ 6 डॉलर बचे थे.
मेरे बटुए में छह डॉलर थे
सुमित नागल ने कहा था कि इस साल की शुरुआत में (2019 में), जब मैं एक टूर्नामेंट के बाद कनाडा से जर्मनी के लिए उड़ान भर रहा था, मेरे बटुए में छह डॉलर थे... मुझे जो मदद मिल रही थी उसके बाद सिर्फ छह डॉलर, तो कल्पना करें कि मुझे कितनी परेशानी होगी, लेकिन मैं बच गया, और चीजें बेहतर हो रही हैं। अगर लोग एथलीटों को फंड देते हैं, तो इससे देश में खेल को फलने-फूलने में मदद मिलेगी। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे विराट से समर्थन मिला.
2 घंटे 38 मिनट तक चला गेम
26 साल के नागल ने 2 घंटे 38 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में बुब्लिक पर 6-4, 6-2, 7-6 से जीत दर्ज किया. आखिरी सेट टाई ब्रेकर में गया. सुमित नागल ने अपने खेल को यहां ऊपर उठाया और टाई ब्रेकर को 7-5 ले जीत लिया.
महान रमेश कृष्णन ने अपने करियर में ऑस्ट्रेलियन ओपन में कुल पांच बार तीसरे दौर के लिए क्वालीफाई किया था. उन्होंने 1983, 1984, 1987, 1988 और 1989 संस्करणों में ऐसा किया. उन्होंने 1989 में दूसरे दौर में दुनिया के नंबर 1 मैट विलेंडर को भी हराया था.