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डेट पर जाने, शादी और बच्चे पैदा करने के लिए पैसे दे रही इस देश की सरकार; क्यों उठाया गया ये अनोखा कदम

दक्षिण कोरिया घटती जन्मदर से जूझ रहा है. कामकाजी दबाव और महंगाई के कारण रिश्ते पीछे छूट गए हैं. सरकार अब डेटिंग, शादी और बच्चों के लिए सीधे आर्थिक प्रोत्साहन दे रही है.

Anuj
Edited By: Anuj
डेट पर जाने, शादी और बच्चे पैदा करने के लिए पैसे दे रही इस देश की सरकार; क्यों उठाया गया ये अनोखा कदम

कल्पना कीजिए कि किसी देश में डेट पर जाने के लिए भी सरकार पैसे दे. सुनने में यह अजीब लगता है, लेकिन दक्षिण कोरिया में यह हकीकत बन चुका है. तेज आर्थिक प्रगति के बावजूद यहां निजी जीवन सिकुड़ता जा रहा है. युवा लंबे कामकाजी घंटों और बढ़ती महंगाई के बीच रिश्तों से दूरी बना रहे हैं. नतीजा यह हुआ कि देश की जन्मदर दुनिया में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई. अब सरकार ने हालात पलटने के लिए असाधारण कदम उठाए हैं.

रिश्ते निभाने को 'झंझट' समझा जाने लगा

दक्षिण कोरिया में सुबह ऑफिस की दौड़ से शुरू होती है और रात थकान में खत्म हो जाती है. लंबे कामकाजी घंटे लोगों से समय और ऊर्जा दोनों छीन लेते हैं. रिश्ते निभाने को 'झंझट' समझा जाने लगा है. डेटिंग ऐप्स के बावजूद वास्तविक मुलाकातें कम हो गई हैं. अकेलापन बढ़ा है, लेकिन करियर प्राथमिकता बना रहा. इसी जीवनशैली ने परिवार और बच्चों की जगह काम को केंद्र में ला दिया है.

जन्मदर का खतरनाक स्तर

इस सामाजिक बदलाव का सबसे बड़ा असर जन्मदर पर पड़ा है. दक्षिण कोरिया की जन्मदर इतनी गिर चुकी है कि भविष्य की जनसंख्या पर सवाल खड़े हो गए हैं. स्कूलों में बच्चे कम हो रहे हैं और कार्यबल के सिकुड़ने का डर बढ़ रहा है. विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर यही रुझान रहा, तो आर्थिक ढांचा और सामाजिक सुरक्षा प्रणाली दबाव में आ जाएगी. यह सिर्फ सामाजिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संकट बन चुका है.

सरकार का अनोखा दांव

स्थिति की गंभीरता समझते हुए सरकार ने सीधे हस्तक्षेप का रास्ता चुना. अब डेट पर जाने के लिए लगभग 350 डॉलर यानी करीब 31 हजार रुपये दिए जा रहे हैं. यह राशि साथ में खाना खाने, फिल्म देखने या किसी गतिविधि पर खर्च की जा सकती है. अगर दोनों परिवारों की मुलाकात होती है, तो उसका खर्च अलग से कवर किया जाता है. 

शादी करने वालों के लिए बड़ा सहारा

डेटिंग से आगे बढ़कर शादी का फैसला करने वालों के लिए मदद और बड़ी है. कुछ क्षेत्रों में शादी पर 25 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है. इसके बाद बच्चे के जन्म पर अतिरिक्त रकम और सुविधाएं मिलती हैं. सरकार चाहती है कि आर्थिक बोझ के डर से कोई रिश्ता न टाले. यह सहायता सीधे बैंक खाते में पहुंचती है, ताकि भरोसा बना रहे.

भविष्य की लड़ाई

दक्षिण कोरिया की यह नीति बताती है कि जनसंख्या संकट कितना गंभीर हो सकता है. महंगाई, करियर दबाव और बदलती प्राथमिकताओं ने परिवार की परिभाषा बदल दी है. सरकार अब पैसे के जरिए लोगों को रिश्तों की ओर लौटाने की कोशिश कर रही है. यह प्रयोग सफल होगा या नहीं, यह समय बताएगा, लेकिन इतना साफ है कि देश अपने भविष्य को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है.

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