SA vs ZIM: 8वें नंबर पर शतक और फिर ‘पंजा’, कॉर्बिन बॉश ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 23 साल बाद रचा इतिहास

दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेटर कॉर्बिन बॉश ने जिम्बाब्वे के खिलाफ बुलावायो में खेले गए टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही मैच में शतक और पांच विकेट लेने का कारनामा कर डाला. ऐसा करने वाले वह 23 साल बाद पहले दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी बने हैं. इस ऐतिहासिक जीत में बॉश के साथ वियान मुल्डर और लुआन-द्रे प्रिटोरियस ने भी अहम भूमिका निभाई.

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Kuldeep Sharma

SA vs ZIM:  बुलावायो (जिम्बाब्वे) में खेले गए पहले टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका ने शानदार जीत दर्ज की और इस जीत के हीरो बने ऑलराउंडर कॉर्बिन बॉश. अपने टेस्ट करियर के दूसरे ही मैच में बॉश ने कमाल करते हुए न केवल शतक जड़ा बल्कि पांच विकेट भी लिए. इससे पहले ऐसा कारनामा किसी भी दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी ने 23 सालों में नहीं किया था. बॉश की यह ऐतिहासिक उपलब्धि टीम को बड़ी जीत दिलाने में निर्णायक रही.


कॉर्बिन बॉश दक्षिण अफ्रीका के चौथे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने टेस्ट मैच में शतक और पांच विकेट दोनों लिए हैं. उनसे पहले यह कारनामा जेमी सिंक्लेयर, ऑब्रे फॉकनर और दिग्गज जैक्स कैलिस (दो बार) ने किया था. लेकिन खास बात यह है कि बॉश ने यह उपलब्धि विदेश में हासिल की, जबकि बाकी तीनों खिलाड़ियों ने यह प्रदर्शन घरेलू मैदान पर किया था. इससे पहले यह कारनामा विदेशी ज़मीन पर केवल 13 खिलाड़ियों ने किया है, जिनमें सर इयान बॉथम, आर अश्विन, वीनू मांकड़ और रिची बेनॉड जैसे दिग्गज शामिल हैं.

दूसरे टेस्ट में धमाकेदार प्रदर्शन

बॉश ने अपने डेब्यू टेस्ट में ही 4 विकेट और अर्धशतक लगाया था, लेकिन अपने दूसरे मैच में उन्होंने उससे भी बड़ी छलांग लगाते हुए तब शतक जड़ दिया जब टीम को निचले क्रम से रन की सख्त जरूरत थी. इसके बाद चौथी पारी में उन्होंने गेंद से कहर बरपाते हुए 5 विकेट झटक लिए. इस प्रदर्शन ने न केवल उन्हें स्टार बना दिया बल्कि दक्षिण अफ्रीका की टीम को एक बड़ा संतुलन भी दिया. वहीं, वियान मुल्डर भी इस मैच में शतक लगा पाए, लेकिन सिर्फ 4 विकेट ही ले सके, जिससे वह बॉश जैसा डबल हासिल करने से चूक गए.

नई पीढ़ी में चमकता सितारा

बॉश के अलावा लुआन-द्रे प्रिटोरियस ने भी टेस्ट डेब्यू में 153 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. ये सभी खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका की युवा टीम में संतुलन और गहराई लेकर आए हैं. खासकर बॉश ने यह दिखा दिया है कि वह न केवल एक भरोसेमंद ऑलराउंडर हैं, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र में टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं. उनके आने से टीम को निचले क्रम में मजबूती मिली है और गेंदबाजी में भी धार आई है.