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Sachin Tendulkar Birthday: क्रिकेट के भगवान को भी किया गया था रिजेक्ट, डेनिस लिली की इस एक सलाह ने बदल दी सचिन की किस्मत

सचिन तेंदुलकर आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं. वे बचपन में तेज गेंदबाज बनना चाहते थे, लेकिन डेनिस लिली ने उन्हें MRF पेस फाउंडेशन में रिजेक्ट कर दिया. लिली की सलाह पर बल्लेबाजी पर फोकस करने से वे क्रिकेट के भगवान बने.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
Sachin Tendulkar Birthday: क्रिकेट के भगवान को भी किया गया था रिजेक्ट, डेनिस लिली की इस एक सलाह ने बदल दी सचिन की किस्मत
Courtesy: pintrest

Sachin Tendulkar Birthday: 24 अप्रैल 1973 को मुंबई में जन्मे सचिन तेंदुलकर आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं. क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर ने 24 साल के करियर में दुनिया के सबसे महान बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई. लेकिन कम लोग जानते हैं कि उनकी शुरुआत बल्लेबाज बनने की नहीं बल्कि तेज गेंदबाज बनने की ख्वाहिश से हुई थी. एक छोटा सा फैसला और एक विशेषज्ञ की सलाह ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी. आज उनके जन्मदिन पर वह अनकही कहानी फिर से याद आ रही है. 

सचिन तेंदुलकर को भी किया गया था रिजेक्ट

सचिन जब सिर्फ 13 साल के थे तब वे तेज गेंदबाज बनने का सपना देख रहे थे. इसी को साकार करने के लिए चेन्नई स्थित MRF पेस फाउंडेशन में ट्रायल देने पहुंचे. वहां ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज डेनिस लिली उस समय ट्रेनिंग दे रहे थे. उन्होंने 5 फुट 5 इंच कद वाले पतले-दुबले सचिन को देखा और तुरंत रिजेक्ट कर दिया. लिली ने कहा कि तेज गेंदबाजी उनके लिए सही नहीं है.

सचिन तेंदुलकर बनना चाहते थे तेज गेंदबाज

सचिन स्कूल के दिनों से ही क्रिकेट के दीवाने थे. घर से निकलकर वे चेन्नई पहुंचे थे तेज गेंदबाज बनने की ट्रेनिंग के लिए. उनके भाई ने सलाह दी थी कि बल्लेबाजी के पैड भी साथ ले जाएं. ट्रायल में लिली ने उनकी बल्लेबाजी देखी और महसूस किया कि इसमें असाधारण प्रतिभा है. उन्होंने सचिन को बल्लेबाजी पर पूरा ध्यान देने की सलाह दी. यह सलाह सचिन के जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई.

लिली को सचिन की बैटिंग में वो बात दिखी

डेनिस लिली ने सचिन की बल्लेबाजी में वह चमक देख ली जो शायद खुद सचिन को भी उस समय नहीं दिख रही थी. रिजेक्शन के बाद सचिन ने गेंदबाजी का सपना छोड़ दिया और बल्ले पर मेहनत शुरू कर दी. बाद में सचिन ने खुद बताया कि लिली की उस एक सलाह ने उनकी किस्मत बदल दी. अगर वे तेज गेंदबाज बनने पर अड़े रहते तो शायद क्रिकेट का यह इतिहास ही अलग होता.

गेंदबाजी भी की, लेकिन पार्ट टाइम

सचिन ने गेंदबाजी को पूरी तरह नहीं छोड़ा. उन्होंने पार्ट टाइम स्पिनर के रूप में टीम इंडिया को कई महत्वपूर्ण विकेट दिलाए. टेस्ट में 46, वनडे में 154 और टी20 में 1 विकेट उनके नाम रहे. लेकिन उनका असली कमाल बल्ले से ही हुआ. 100 अंतरराष्ट्रीय शतक और 34 हजार से ज्यादा रन बनाकर वे दुनिया के सबसे महान बल्लेबाज बने.

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