31 मई यानी रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच आईपीएल के 19वें सीजन का खिताबी मुकाबला खेला गया. आरसीबी ने लगातार दो बार खिताब अपने नाम कर लिया. आईपीएल 2026 के फाइनल में रजत पाटीदार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी. आरसीबी के गेंदबाजों के आगे गुजरात के धुरंधर टिक नहीं सके. वहीं किंग कोहली के बल्ले ने सबको शांत कर दिया. यह मैच आरसीबी ने आसानी से जीत लिया और बैक-टू-बैक चैंपियन बन गए.
लाल जर्सी वाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की इस सुनहरी गाथा में विराट कोहली ही मुख्य किरदार थे. फाइनल में रखे गए 156 रनों के लक्ष्य के जवाब में, विराट कोहली ने अकेले ही सिर्फ 45 गेंदों में शानदार 75 रनों का योगदान दिया. इस दौरान, उन्होंने अपने पूरे IPL इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी भी जड़ी. यह मील का पत्थर उन्होंने महज 25 गेंदों में ही हासिल कर लिया. जहां दूसरे छोर पर विकेट तेज़ी से गिर रहे थे. वहीं 'किंग' ने पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई और खुद से यह वादा किया कि वह आखिरी पल तक क्रीज पर डटे रहेंगे. उन्होंने तय कर लिया था कि वह मैच खत्म करके ही मैदान छोड़ेंगे और उन्होंने ठीक वैसा ही किया.
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— IndianPremierLeague (@IPL) May 31, 2026Also Read
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इस खिलाड़ी की जितनी भी तारीफ की जाए, कम है. तीन साल पहले नीलामी में अनसोल्ड रहने के बाद, RCB मैनेजमेंट ने उन्हें एक घायल खिलाड़ी की जगह टीम में शामिल किया था. उस समय से लेकर कप्तान बनने तक का पाटीदार का सफर किसी चमत्कार से कम नहीं रहा है. 2025 में उनकी कप्तानी में इस युवा खिलाड़ी ने RCB को उसका पहला IPL ख़िताब दिलाया और अब लगातार दूसरी बार चैंपियनशिप जीतकर, वह महान कप्तानों के उस खास क्लब में शामिल हो गए हैं. जहां महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज मौजूद हैं. पाटीदार से पहले, सिर्फ धोनी और रोहित ही अपनी टीम की IPL ट्रॉफी को सफलतापूर्वक बचाने में कामयाब रहे थे.