नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 दिन प्रतिदिन और रोमांचक होता जा रहा है. टूर्नामेंट में कई टीमें अपनी प्रबल दावेदारी पेश कर रही हैं. जिसमें नीदरलैंड्स ने अपनी ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने बाकी दावेदार टीमों को भी सतर्क कर दिया है. ह्यूस्टन में खेले गए मुकाबले में डच टीम ने स्वीडन को 5-1 से करारी शिकस्त देकर न सिर्फ शानदार जीत दर्ज की, बल्कि नॉकआउट दौर की ओर भी मजबूत कदम बढ़ा दिए. करीब 69 हजार दर्शकों की मौजूदगी में खेले गए इस मैच में नीदरलैंड्स ने शुरुआत से अंत तक अपना दबदबा बनाए रखा.
जापान के खिलाफ रोमांचक ड्रॉ के बाद इस मैच के लिए मैदान पर उतरी नीदरलैंड्स की टीम पूरे आत्मविश्वास से भरी नजर आई. कोच रोनाल्ड कोमैन की रणनीति पूरी तरह सफल रही और टीम ने ग्रुप एफ में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए दो मैचों में चार अंक हासिल कर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमा लिया. वहीं, स्वीडन तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है.
नीदरलैंड्स की जीत के सबसे बड़े नायकों में ब्रायन ब्रोबे रहे. उन्हें इस टूर्नामेंट में पहली बार शुरुआती प्लेइंग में मौका मिला और उन्होंने इसका भरपूर फायदा उठाया. ब्रोबे ने मैच के पांचवें और 17वें मिनट में गोल दागकर अपनी टीम को मजबूत बढ़त दिला दी. उनकी आक्रामक खेल शैली के सामने स्वीडिश रक्षा पंक्ति लगातार संघर्ष करती दिखाई दी.
पहले हाफ में दो गोल की बढ़त लेने के बाद नीदरलैंड्स ने दूसरे हाफ में भी हमला जारी रखा. लिवरपूल स्टार कोडी गाक्पो ने 47वें और 54वें मिनट में दो शानदार गोल करके मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया.
स्वीडन के पास कई अवसर आए, लेकिन खराब फिनिशिंग और डच गोलकीपर के शानदार बचाव ने उन्हें सफलता नहीं मिलने दी. एंथोनी एलांगा ने 59वें मिनट में एक गोल कर टीम की उम्मीदें जगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.
मैच के अंतिम चरण में क्रिसेंसियो समरविले ने पांचवां गोल दागकर नीदरलैंड्स की शानदार जीत पर मुहर लगा दी. इस जीत के साथ डच टीम ने नॉकआउट दौर की अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली है, जबकि स्वीडन को अब अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करना होगा.
अब स्वीडन का अगला मैच जापान से होगा, जबकि नीदरलैंड्स की भिड़ंत ट्यूनीशिया से होगी. दोनों मुकाबले ग्रुप की तस्वीर को और स्पष्ट करेंगे.