एक मैच और 3 सुपर ओवर, T20 क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा कारनामा

Maharaja Trophy: टी20 क्रिकेट के इतिहास में पहली बार एक टाई मुकाबले का फैसला करने के लिए एक नहीं बल्कि 3-3 सुपर ओवर कराए गए. पहले दो सुपर ओवर में जीत का फैसला नहीं हो सका. इसीलिए विजेता का फैसला करने के लिए तीसरा मुकाबला किया गया.

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India Daily Live

Maharaja Trophy:  टी20 क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक मैच में तीन सुपर ओवर होने के बाद विजेता फैसला हुआ है. ऐसा कारनामा कहीं और नहीं बल्कि भारत में हुआ है. कर्नाटक के महाराजा ट्रॉफी टी20 टूर्नामेंट के एक मुकाबले में 3 सुपर ओवर होने के बाद विजेता चुना गया. पहले दो सुपर ओवर में दोनों टीमों के स्कोर बराबर थे, जिसके चलते तीसरा सुपर ओवर कराया गया. 

महाराजा ट्रॉफी टी20 टूर्नामेंट में 23 अगस्त को हुबली टाइगर्स और बेंगलुरु ब्लास्टर्स के बीच मैच खेला गया. मैच का निर्णय नहीं हुआ तो सुपर ओवर कराया गया. पहले सुपर ओवर  में भी विजेता का निर्णय नहीं हुआ तो दूसरा सुपर ओवर कराया गया. फिर से वही आलम हुआ की स्कोर बराबर हुआ. इसके बाद तीसरा सुपर ओवर हुआ जिसमें हुबली ने बाजी मारी.

तीन सुपर ओवर वाला पहला टी20 मुकाबला

टी20 क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है एक टाई मुकाबले का फैसला करने के लिए एक नहीं 3-3 सुपर ओवर फेंके गए. टी20 क्रिकेट में टाई मुकाबले का फैसला करने के लिए 2 बार सुपर ओवर तो हुए थे लेकिन आज से पहले एक ही मुकाबले में तीन सुपर ओवर कभी नहीं हुआ था.

टाई हुआ मैच तो हुआ सुपर ओवर 

महाराजा ट्रॉफी टी20 टूर्नामेंट में  23 अगस्त को लीग स्टेज का 17वां मुकाबला एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया. टॉस जीतकर बेंगलुरु ने गेंदबाजी करने का फैसला किया. हुबली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 164 रन बनाए. कप्तान मनीष पांडे ने 33 रनों की पारी खेली. 

लक्ष्य का पीछा करने उतरी बेंगलुरु को आखिरी औवर में 6 रनों की दरकार थी लेकिन 5 रन हगी बन सके. बेंगलुरु के कप्तान मंयक अग्रवाल ने 54 रनों की पारी खेली. मैच टाई हुआ तो सुपर ओवर कराया गया. 

पहले सुपर ओवर में पहले बेंगलुरु ने 10 रन बनाए. हुबली भी 10 रन ही बना सकी. इसके बाद दूसरा सुपर ओवर हुआ. दूसरे सुपर ओवर में दोनों टीम ने8-8 रन बनाए. फिर से मुकाबला टाई हुआ.

ऐसा रहा तीसरा सुपर ओवर

मुकाबला तीसरे सुपर ओवर में पहुंचा तो पहले बल्लेबाजी करते हुए बेंगलुरु ने 12 रन बनाए. हुबली को जीत के लिए 13 रनों की दरकार थी. कप्तान मनीष पांडे और मानवंत कुमार बल्लेबाजी करने उतरे. आखिरी गेंद पर जीत के लिए 4 रन चाहिए थे. बैटिंग पर मानवंत थे. उन्होंने फ्लिक किया और गेंद ने बाउंड्री पार कर ली. दोनों बल्लेबाजों ने 13 रन की साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई.