'उनको टेस्ट क्रिकेट में वापसी करनी चाहिए....' RCB की जीत के बाद किस खिलाड़ी ने की कोहली की टेस्ट क्रिकेट में वापसी की मांग

कल RCB और SRH के बीच खेले गए मुकाबले के बाद अब क्रिकेट गलियारों में कोहली के टेस्ट रिटायरमेंट को लेकर एक बार फिर से चर्चा तेज हो गई है. भारत के एक पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि कोहली को अपने टेस्ट रिटायरमेंट पर पुनर्विचार करना चाहिए.

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Meenu Singh

नई दिल्ली: IPL 2026 के आगज के बाद अब भारतीय क्रिकेट में एक नई बहस ने जोर पकड़ लिया है, जहां अनुभव वर्सेस नई पीढ़ी के नेतृत्व पर फिर से सवाल उठ खड़े हो गए हैं. हाल ही में एक बयान ने इस चर्चा को और भी तेज कर दिया है. भारत के एक पूर्व खिलाड़ी ने टीम के भविष्य को लेकर बड़ा सुझाव दिया है.

कल के आरसीबी बनाम एसआरएच के बीच आईपीएल का पहला मुकाबला खेला गया, जिसमें विराट कोहली की आतिशी पारी के कारण टीम ने एसआरएच को रौंदते हुए मैच को 6 विकेट से अपने नाम किया. इस मैच के बाद विराट की टेस्ट वापसी की बात तेज हो गई है. भारत के पूर्व क्रिकेटर ने कोहली  की टेस्ट वापसी की वकालत की है. 

कोहली की क्षमता पर दिखाया भरोसा

दरअसल कल RCB vs SRH मैच के बाद भारत के पूर्व बल्लेबाज अंबती रायडू ने विराट कोहली की टेस्ट कप्तानी में वापसी की वकालत करते हुए कहा कि कोहली को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास पर पुनर्विचार करना चाहिए और उन्हें फिर से कप्तानी सौंपी जानी चाहिए.

रायडू का मानना है कि कोहली के पास अभी भी कई सालों तक अच्छा  क्रिकेट खेलने की क्षमता है. उन्होंने कहा कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए कोहली टीम के लिए अहम योगदान दे सकते हैं और टेस्ट टीम को एक बार फिर उनकी नेतृत्व क्षमता का फायदा मिल सकता है.

दिया सर्वश्रेष्ठ टेस्ट कप्तान का दर्जा

रायडू ने इस दौरान विराट कोहली को भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट कप्तान बताया. उनके अनुसार, कोहली के कार्यकाल में टीम ने आक्रामक क्रिकेट की नई पहचान बनाई थी और विदेशी परिस्थितियों में भी मजबूत प्रदर्शन किया था.

उनकी रणनीति और ऊर्जा ने टीम को नई दिशा दी थी. टीम को एक बार फिर से उसी नेतृत्व की जरूरत है. बता दें कोहली ने 2022 की शुरुआत में टेस्ट कप्तानी छोड़ दी थी और तब से वह अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

मौजूदा कप्तानी पर उठे सवाल

फिलहाल टेस्ट टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में है, लेकिन रायडू का यह बयान मौजूदा नेतृत्व को लेकर नई चर्चा छेड़ सकता है कि क्या बीसीसीआई को उन्हें फिर से कप्तानी की भूमिका में लाने पर विचार करना चाहिए, खासकर टेस्ट में, जहां कप्तान के रूप में उनका रिकॉर्ड अभी भी बहुत अच्छा माना जाता है. 

रायडू की इस टिप्पणी के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों के बीच बहस तेज हो गई है. एक तरफ युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की बात है, वहीं दूसरी ओर अनुभव और सफल रिकॉर्ड को नजरअंदाज करना भी आसान नहीं है.