मिलान ओलंपिक में 'कंडोम संकट', 3 दिन में ही 10,000 पैकेट सफाचट; आयोजकों की तैयारी पड़ी फीकी
2026 मिलान-कॉर्टिना शीतकालीन ओलंपिक के खेल गांव में शुरुआती दिनों में ही मुफ्त कंडोम का स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो गया. आयोजकों द्वारा दिए गए 10,000 पैकेट कम पड़ने के कारण अधिकारी अब कंडोम की नई खेप मंगवाने के लिए भारी संघर्ष कर रहे हैं.
नई दिल्ली: इटली में आयोजित हो रहे 2026 मिलान-कॉर्टिना शीतकालीन ओलंपिक में एक अप्रत्याशित और अजीबो-गरीब स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है. एथलीट्स विलेज में खिलाड़ियों के लिए रखे गए मुफ्त कंडोम प्रतियोगिता के शुरुआती कुछ ही दिनों के भीतर पूरी तरह खत्म हो गए हैं. आयोजकों ने शुरुआत में 10,000 पैकेट का स्टॉक उपलब्ध कराया था, जो खिलाड़ियों की भारी मांग के सामने बौना साबित हुआ. अब आयोजन समिति इस कमी को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है ताकि विलेज में खिलाड़ियों की सुरक्षा और अनिवार्य स्वास्थ्य सेवाओं में कोई बाधा न आए.
आयोजकों ने कॉर्टिना डी'अम्पेजो स्थित खेल गांव में लगभग 2,900 एथलीटों के लिए करीब 9,700 कंडोम पैकेट उपलब्ध कराए थे. हालांकि, यह संख्या पिछले ओलंपिक संस्करणों की तुलना में काफी कम रखी गई थी. खेल शुरू होते ही मांग इतनी तेजी से बढ़ी कि सारा स्टॉक चंद दिनों में ही खाली हो गया. इस अप्रत्याशित कमी ने अधिकारियों को दुविधा में डाल दिया है. वे अब नई आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विधिक और प्रशासनिक ढांचे के तहत काम कर रहे हैं ताकि सुचारू वितरण जारी रहे.
पिछले ओलंपिक खेलों से तुलनात्मक विश्लेषण
मिलान ओलंपिक के इस प्रबंधन की तुलना पिछले खेलों से की जा रही है. उदाहरण के लिए, 2024 पेरिस ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में 10,500 प्रतिभागियों के लिए लगभग 2,20,000 कंडोम वितरित किए गए थे. अतीत में कुछ आयोजनों में यह संख्या 3,00,000 तक भी पहुंची है. मिलान-कॉर्टिना द्वारा स्टॉक में की गई भारी कटौती ही वर्तमान संकट की मुख्य वजह मानी जा रही है. योजना में हुई इस बड़ी चूक ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजकों के पूर्वानुमान और प्रबंधन कौशल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
खेल गांव का माहौल और एथलीट्स का दबाव
कॉर्टिना डी'अम्पेजो का खेल गांव दुनिया भर के एथलीटों के लिए एक अस्थायी निवास स्थल है. यहां खिलाड़ियों के रहने के लिए मॉड्यूलर इकाइयां और साझा सामुदायिक स्थान बनाए गए हैं, जहां निजता अक्सर काफी सीमित होती है. उच्च-दबाव वाले इस प्रतिस्पर्धी वातावरण में दुनिया भर के एथलीट कई हफ्तों तक एक-दूसरे के निकट संपर्क में रहते हैं. ऐसी स्थिति में कंडोम की मांग का बढ़ना विशेषज्ञों के लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है. आयोजकों ने इसे एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य उपाय माना है, लेकिन शुरुआती स्टॉक का आकलन गलत साबित हुआ.
प्रतिबंधों के बाद सामान्य जीवन की चुनौतियां
2021 के टोक्यो ओलंपिक के दौरान कोविड-19 के कड़े प्रतिबंधों के कारण खिलाड़ियों के बीच शारीरिक निकटता पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ था. अब वे पुराने नियम पूरी तरह से हटा लिए गए हैं, जिससे ओलंपिक विलेज में खिलाड़ियों का सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन वापस लौट आया है. सामान्य जीवन की बहाली के साथ ही सुरक्षा संसाधनों की मांग में भी अप्रत्याशित उछाल आया है. मिलान के आयोजक शायद इस बदलाव और भविष्य की जरूरतों का सही विधिक विश्लेषण करने में विफल रहे, जिसके कारण यह संकट खड़ा हुआ.
सुरक्षित यौन स्वास्थ्य की परंपरा और जिम्मेदारी
ओलंपिक विलेज में मुफ्त गर्भनिरोधक प्रदान करना एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा है. इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षित यौन संबंध और एथलीटों के यौन स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है. समिति ने अब आश्वासन दिया है कि खेल के शेष दिनों में कंडोम का वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा. वे नई खेप मंगवाकर खिलाड़ियों की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रभार में जुटे हैं. यह कदम स्वास्थ्य सुरक्षा के वैश्विक ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा ताकि भविष्य में ऐसी किसी संदिग्ध कमी का सामना न करना पड़े.
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