T20 World Cup 2026

बल्लेबाजों को रुलाते थे 'स्विंग मास्टर' भुवनेश्वर कुमार, 21 टेस्ट 63 विकेट, आज भी याद है 2014 अमर लॉर्ड्स टेस्ट

भारतीय क्रिकेट जगत में जब भी स्विंग गेंदबाजी की बात होती है, भुवनेश्वर कुमार का नाम अपने आप ज़हन में आ जाता है. आज उसी धुरंधर का जन्मदिन है.

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Meenu Singh

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट जगत में जब भी स्विंग गेंदबाजी की बात होती है, भुवनेश्वर कुमार का नाम अपने आप ज़हन में आ जाता है. आज उसी धुरंधर का जन्मदिन है. भुवी का क्रिकेट करियर भले ही ज्यादा लंबा नहीं रहा हो लेकिन वह जितने भी समय भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं उन्होंने टीम को हमेशा जीत की दहलीज पर पहुंचाया है. तेज़ रफ्तार के बिना भी बल्लेबाजों को परेशान करने की कला भुवी को खास बनाती है. 

आज भी क्रिकेट प्रेमी उस ऐतिहासिक पल को नहीं भूले हैं, जब 12 साल पहले लॉर्ड्स के मैदान पर भुवी की घातक स्विंग ने इंग्लैंड को घुटनों पर ला दिया था और भारत को एक यादगार जीत दिलाई थी. 

धोनी के भरोसेमंद स्विंग मास्टर

एमएस धोनी की कप्तानी में भुवनेश्वर कुमार को चमकने का मौका मिला था. धोनी अक्सर भुवनेश्वर कुमार को नई गेंद थमाते थे, क्योंकि वे इनस्विंग और आउटस्विंग दोनों में माहिर ही थे. खासतौर पर उनका इनस्विंगर बल्लेबाजों के लिए बेहद खतरनाक साबित होता था. यही वजह थी कि भुवी न सिर्फ शुरुआती विकेट निकालते थे, बल्कि पुरानी गेंद से भी रन रोकने और साझेदारी तोड़ने में सफल रहते थे.

लॉर्ड्स 2014: करियर का सुनहरा अध्याय

क्रिकेट प्रेमी 2014 का साल कभी भूल नहीं पाएंगे. 17 जुलाई 2014 को लॉर्ड्स में एक अलग कहानी लिखी गई थी. इस दिन खेले गए टेस्ट मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 295 रन बनाए. इसके बाद भुवनेश्वर कुमार ने गेंद से ऐसा जादू चलाया कि इंग्लैंड की टीम पहली पारी में महज 319 रन में ही सिमट गई. भुवी ने 31 ओवर में 10 मेडन डालते हुए 6 विकेट झटके. 

दूसरी पारी में भारतीय टीम ने 342 रन बनाए और इंग्लैंड को 223 रन पर रोककर 95 रन से ऐतिहासिक जीत दर्ज की. यह जीत भले ही सीरीज नहीं जिता पाई हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह मैच अमर हो गई.

2022 में पहनी थी आखिरी बार नीली जर्सी

स्विंग मास्टर भुवी अब भारत की स्कीम ऑफ थिंग्स से बाहर हैं. उनकी टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद खत्म हो चुकी है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उन्हें आखिरी बार नवंबर 2022 में टी20 क्रिकेट में आखिरी बार भारत के लिए खेलते हुए देखा गया था. उसके बाद उन्हें मौका नहीं मिला. 

कुछ ऐसा रहा क्रिकेट 

अब अगर भुवनेश्वर कुमार के क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने अपने करियर में 21 टेस्ट मैच खेले, जिनमें उन्होंने 63 विकेट चटकाए. वहीं इन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में 121 मैच में  141 विकेट झटके. इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/42 रहा.

 इसके अलावा टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 87 मैचों में 90 विकेट अपने नाम किए हैं. ये आंकड़े दर्शाते हैं कि भुवी एक मंजे हुए गेंदबाज है जो ज्यादा दिनों तक भारतीय क्रिकेट को अपनी सेवा दे नहीं पाए. भुवी ने साल 2013 में अपने करियर का आरंभ किया था.