धोनी के कारण करियर बर्बाद हुआ? पूर्व खिलाड़ी ने पोडकास्ट में सबके सामने रखी सच्चाई
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने हाल ही में उन चर्चाओं पर खुलकर अपनी बात रखी, जिनमें कहा जाता रहा है कि महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के कारण उनका करियर आगे नहीं बढ़ पाया.
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने हाल ही में उन चर्चाओं पर खुलकर अपनी बात रखी, जिनमें कहा जाता रहा है कि महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के कारण उनका करियर आगे नहीं बढ़ पाया या बर्बाद हुआ. अमित मिश्रा ने साफ शब्दों में इन बातों को गलत बताया और कहा कि धोनी ने कभी उनके करियर को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि कई मौकों पर उनका साथ दिया और भरोसा जताया.
अमित मिश्रा को धोनी ने किया सपोर्ट
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान अमित मिश्रा ने कहा कि अक्सर लोग उनसे यह कहते हैं कि अगर एमएस धोनी कप्तान नहीं होते, तो उन्हें भारतीय टीम में ज्यादा मौके मिलते. लेकिन मिश्रा का मानना है कि यह सोच अधूरी है. उन्होंने कहा कि अगर धोनी कप्तान नहीं होते, तो शायद उन्हें टीम में खेलने का मौका ही नहीं मिलता. धोनी के नेतृत्व में ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का मौका मिला और खुद को साबित करने का मंच भी मिला.
'खिलाड़ी का सफर उतार-चढ़ाव से भरा होता है'
अमित मिश्रा ने बताया कि क्रिकेट में हर खिलाड़ी का सफर उतार-चढ़ाव से भरा होता है. कभी मौका मिलता है, कभी बाहर बैठना पड़ता है. ऐसे समय में कप्तान का भरोसा बहुत मायने रखता है. उन्होंने कहा कि धोनी ने हमेशा खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी दी और मुश्किल समय में उनका मनोबल बढ़ाया. यही वजह है कि कई खिलाड़ी धोनी की कप्तानी में निखरकर सामने आए.
साल 2003 में किया था डेब्यू
अमित मिश्रा ने साल 2003 में वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था. इसके बाद 2008 में टेस्ट क्रिकेट और 2010 में टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका मिला. अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने 22 टेस्ट, 36 वनडे और 10 टी-20 मैच खेले. इन मुकाबलों में उन्होंने क्रमशः 76, 64 और 16 विकेट हासिल किए. भले ही उनका करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने टीम के लिए योगदान देने की कोशिश की.
'ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है'
अमित मिश्रा ने एक खास मुकाबले का जिक्र भी किया, जो उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा. यह मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ था, जो उनका आखिरी वनडे मुकाबला साबित हुआ. उस मैच में धोनी कप्तान थे. मिश्रा ने बताया कि शुरुआत में वह अपनी सामान्य गेंदबाजी नहीं कर पा रहे थे और सिर्फ रन रोकने पर ध्यान दे रहे थे. तभी धोनी उनके पास आए और उन्होंने सरल शब्दों में कहा कि ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है, बस अपनी प्राकृतिक गेंदबाजी करो.
मैच का रुख बदल दिया
धोनी की इस सलाह का असर दिखा. मिश्रा ने अपनी लय वापस पाई और शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके. उन्होंने उस मैच में 18 रन देकर 5 विकेट लिए, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जाता है. मिश्रा ने कहा कि धोनी का भरोसा और सही समय पर दी गई सलाह ने उस मैच का रुख बदल दिया.
आईपीएल में 174 विकेट लिए
अमित मिश्रा ने सितंबर 2025 में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया. आईपीएल में उनका सफर भी शानदार रहा, जहां उन्होंने 162 मैचों में 174 विकेट लिए और तीन बार हैट्रिक भी ली. मिश्रा का मानना है कि एमएस धोनी भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल और समझदार कप्तानों में से एक रहे हैं, जिनकी कप्तानी में कई खिलाड़ियों का करियर संवरा और उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिला.
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