नई दिल्ली: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच अहम शांति वार्ता का पहला दौर पूरा हो गया. करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में तीनों देशों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. पाकिस्तान ने मेजबानी की. बैठक का मुख्य फोकस पश्चिम एशिया में सीजफायर को मजबूत करने, लेबनान में युद्ध रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर रहा.
वार्ता का माहौल शुरू से अंत तक तनावपूर्ण रहा. ईरान ने होर्मुज में अमेरिकी जहाजों पर हमले की धमकी दी और फ्रीज एसेट्स खोलने की मांग दोहराई, जबकि अमेरिका ने साफ कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और इसे किसी भी हाल में खुला रखा जाएगा. फिर भी दोनों पक्षों ने सकारात्मक संकेत देते हुए आगे की बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है. ताजा अपडेट के लिए जुड़े रहें India Daily के लाइव ब्लॉग से.
11:31:12 PM
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी के ट्रंप के ऐलान पर IRGC ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका के सैन्य जहाजों को कड़ा जवाब दिया जाएगा.
11:13:41 PM
ईरान ने वार्ता के दौरान हमास, हिजबुल्लाह और हूती जैसे क्षेत्रीय गुटों को समर्थन देना बंद करने की अमेरिकी मांगों को खारिज कर दिया.
07:58:20 PM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि अब किसी भी जहाज को होर्मुज से आने-जाने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि ईरान को अवैध टोल देने वाले जहाजों को भी कोई सुरक्षा प्रदान नहीं की जाएगी.
06:17:23 PM
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर बात की और कहा कि वह पश्चिम एशिया में शांति के लिए मध्यस्थता करने को तैयार है.
04:35:05 PM
ईरान के सिक्योरिटी चीफ इब्राहिम अजीजी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में दाखिल होने वाले सभी जहाजों को एक नए कंट्रोल सिस्टम के तहत टोल देना ही होगा.
02:51:45 PM
ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ ने रविवार को कहा कि उनके देश के प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई बातचीत के दौरान भविष्योन्मुखी पहलों को उठाया, लेकिन अमेरिका वार्ता में प्रतिनिधिमंडल का विश्वास हासिल करने में विफल रहा.
ईरान की वार्ता टीम में शामिल गालिबफ ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'अमेरिका ईरान के तर्क और सिद्धांतों को समझ चुका है और अब उन्हें यह तय करना है कि वे हमारा विश्वास जीत सकते हैं या नहीं.'
02:00:23 PM
नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने का विकल्प उपलब्ध था, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान की परमाणु क्षमताओं पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद पैदा होने के बाद इस्लामाबाद में शांति वार्ता गतिरोध में समाप्त हो गई थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में यह लेख साझा किया. जस्ट द न्यूज नामक आउटलेट द्वारा प्रकाशित इस लेख में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की नाकाबंदी को नौसैनिक नाकाबंदी से मात दे सकते हैं और इस साल की शुरुआत में वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियानों का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि कैसे नौसैनिक नाकाबंदी ने देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया था.
इस लेख में बताया गया है कि यूएसएस गेराल्ड फोर्ड विमानवाहक पोत, जिसने वेनेजुएला की नाकाबंदी का नेतृत्व किया था, अब फारस की खाड़ी में है और यूएसएस अब्राहम लिंकन और अन्य प्रमुख नौसैनिक संपत्तियों में शामिल हो गया है.
01:25:22 PM
रॉयटर्स ने रविवार को ईरान के उप तेल मंत्री के हवाले से बताया कि लावन रिफाइनरी के कुछ हिस्सों को 10 दिनों के भीतर फिर से चालू कर दिया जाएगा.
01:24:10 PM
अल जजीरा के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले में पांच लोग मारे गए हैं.
01:23:21 PM
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि हमलों से प्रभावित ऊर्जा संयंत्रों ने अपनी परिचालन क्षमता बहाल कर ली है. रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी सरकार के प्रयासों से पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन के माध्यम से लगभग सात मिलियन बैरल प्रतिदिन की पूरी पंपिंग क्षमता बहाल हो गई है. मंत्रालय ने आगे कहा कि सरकार खुरैस क्षेत्र में पूर्ण उत्पादन क्षमता बहाल करने की प्रक्रिया में है.
01:20:38 PM
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने रॉयटर्स को बताया कि दो-तीन मुद्दों को छोड़कर बाकी कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बन गई है. उन्होंने कहा, 'दो-तीन महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों देशों के विचार काफी अलग थे और अंततः किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके.'
11:29:22 AM
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने रविवार को अमेरिका और ईरान से युद्धविराम का पालन करने और बातचीत फिर से शुरू करने का आह्वान किया. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने यह जानकारी दी. वोंग ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया द्वारा जारी एक बयान में कहा, 'यह निराशाजनक है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई.'
11:27:44 AM
इजरायली रक्षा बलों ने रविवार को एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उनकी वायुसेना दक्षिणी लेबनान में एक रॉकेट लॉन्चर को नष्ट करती हुई दिखाई दे रही है.
⭕️DISMANTLED: A rocket launcher positioned and ready to launch toward Israel in the area of Jouaiyya in southern Lebanon. The launcher was struck before the launch could be carried out. pic.twitter.com/U0QKCQXTqC
— Israel Defense Forces (@IDF) April 12, 2026
11:14:45 AM
शनिवार को अमेरिकी नौसेना के दो विध्वंसक पोत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे, जिसके चलते ईरानी सेना ने चुनौती पेश की. यह सब तब हुआ जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय वार्ता चल रही थी.
11:13:43 AM
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी ईरान और अमेरिका के बीच विवाद का मुख्य कारण बनी हुई है. 'बैठक के दौरान दोनों पक्षों के मिजाज में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और माहौल में काफी बदलाव आया,' एक पाकिस्तानी सूत्र ने रॉयटर्स को बताया.
ईरानी सरकारी टीवी और अधिकारियों के अनुसार, तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण, युद्ध क्षतिपूर्ति के भुगतान और लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में युद्धविराम की मांग कर रहा है. ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में पारगमन शुल्क भी वसूलना चाहता है.
दो सप्ताह की युद्धविराम अवधि के दौरान बाहर निकलने की प्रतीक्षा में सैकड़ों टैंकर अभी भी खाड़ी में फंसे हुए हैं.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शांति समझौते की पूर्व शर्तों में से एक के रूप में जलडमरूमध्य से वैश्विक जहाजों के निर्बाध आवागमन की मांग कर रहे हैं.
11:10:37 AM
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा, 'पाकिस्तान संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाता रहा है और आगे भी निभाता रहेगा.'
10:18:42 AM
ईरानी वार्ता टीम के एक करीबी सूत्र के अनुसार, ईरान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ वार्ता के एक और दौर की योजना नहीं बना रहा है.
07:50:15 AM
ईरान के प्रेस टीवी के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु अधिकारों जैसे प्रमुख मुद्दे तेहरान और वाशिंगटन के बीच चल रही वार्ता में विवाद के मुख्य बिंदुओं के रूप में उभरे हैं. रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि इन मूलभूत मामलों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद अभी भी तीखे हैं, और ये दोनों ही मुद्दे संघर्ष को सुलझाने के उद्देश्य से की जा रही व्यापक वार्ताओं के लिए केंद्रीय महत्व रखते हैं.