पिछले कुछ सालों में युवाओं में हार्ट अटैक और अचानक कार्डियक अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. खासकर वे युवा जो नियमित जिम जाते हैं या भारी वर्कआउट करते हैं, उनमें यह खतरा ज्यादा देखा जा रहा है. तो सवाल यह उठता है कि एक्सरसाइज दिल के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक?
एक्सरसाइज सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है. यह वजन नियंत्रित रखती है, मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, ब्लड सर्कुलेशन सुधारती है और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है. लेकिन गलत तरीके से या बिना तैयारी के की गई एक्सरसाइज उल्टा नुकसान भी पहुंचा सकती है. युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ रहा है?
अचानक भारी वर्कआउट: कई युवा बिना किसी तैयारी के सीधे भारी वजन उठाने, तेज दौड़ने या हाई इंटेंसिटी ट्रेनिंग शुरू कर देते हैं. इससे दिल पर अचानक बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है, जो खतरनाक साबित हो सकता है.
छुपी हुई दिल की बीमारी: बहुत से युवाओं को पता ही नहीं होता कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल या धमनियों में ब्लॉकेज जैसी समस्या है. ऐसे में भारी एक्सरसाइज दिल पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है.
डिहाइड्रेशन: वर्कआउट के दौरान खूब पसीना आता है. अगर पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाए तो दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है और ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है.
एक्सरसाइज का सबसे सही समय हर व्यक्ति के शरीर, रूटीन और जीवनशैली पर निर्भर करता है. दोनों समय के अपने फायदे और नुकसान हैं.
सुबह का समय:-
सुबह एक्सरसाइज करने से मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है. पूरे दिन शरीर ऊर्जावान और एक्टिव रहता है. तनाव कम होता है और मूड अच्छा रहता है. हालांकि सुबह शरीर थोड़ा जकड़ा हुआ होता है, इसलिए अच्छा वार्म-अप बहुत जरूरी है.
शाम का समय:-
शाम को शरीर ज्यादा लचीला और तैयार रहता है. ताकत अच्छी लगती है और चोट लगने का खतरा कम होता है. काम के बाद तनाव दूर करने के लिए शाम की एक्सरसाइज अच्छी मानी जाती है. लेकिन कुछ लोगों में देर शाम की भारी एक्सरसाइज नींद प्रभावित कर सकती है.