भारत में रोजगार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. 'ग्रीन जॉब्स' अब केवल नीति रिपोर्टों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कंपनियों की HR रणनीतियों और बोर्डरूम एजेंडों का हिस्सा बन चुके हैं.
Ecofy जैसी कंपनियां, जो हरित वित्त और नवीनीकृत ऊर्जा में काम करती हैं, नए रोल बना रही हैं जो पांच साल पहले तक मौजूद नहीं थे. HR प्रमुख अमीषी पटेल के अनुसार, ये नौकरियां लाभ और उद्देश्य को जोड़ती हैं और भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करती हैं.
ग्रीन जॉब्स ऐसे कार्य हैं जो पर्यावरणीय जिम्मेदारी और व्यवसायिक लक्ष्य को जोड़ते हैं. वित्त क्षेत्र में यह क्लाइमेट रिस्क एनालिस्ट, हरित लोन उत्पाद डिजाइनर या कार्बन क्रेडिट विशेषज्ञ हो सकते हैं. इलेक्ट्रिक व्हीकल क्षेत्र में बैटरी इंजीनियर, चार्जिंग नेटवर्क मैनेजर और डिजिटल डेटा विशेषज्ञ शामिल हैं. नवीनीकृत ऊर्जा में सोलर इंस्टालर और एनर्जी ऑडिटर ऐसे पेशे हैं जो सीधे उत्सर्जन कम करने में योगदान देते हैं.
भारत में ग्रीन जॉब्स की सबसे बड़ी चुनौती मूल्य-संवेदनशील बाजार और पर्यावरणीय स्थिरता का संतुलन है. मुंबई जैसी महानगरियों से लेकर छोटे शहरों तक समाधान काम करने चाहिए. Ecofy इस चुनौती को देखते हुए तकनीकी और व्यावसायिक नवाचार के माध्यम से स्थायी रोजगार तैयार कर रही है. इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना और नई क्षमताओं के विकास पर ध्यान देना आवश्यक है.
ग्रीन जॉब्स में तकनीकी विशेषज्ञता के साथ व्यवहारिक कौशल भी जरूरी हैं. कार्बन अकाउंटिंग, ESG फ्रेमवर्क, हरित वित्तीय मॉडलिंग जैसी तकनीकी योग्यताओं के साथ लचीलापन, सहयोग और उद्देश्य-प्रधान निर्णय क्षमता महत्वपूर्ण हैं. Ecofy कॉलेजों और ITIs में प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के माध्यम से स्थानीय प्रतिभा को विकसित कर रही है.
कंपनी कठोर नौकरी विवरण के बजाय ब्रॉड तैयार करती है. Carbon-linked वित्तीय विशेषज्ञ और Blockchain-based इम्पैक्ट वेरिफिकेशन एक्सपर्ट जैसी भूमिकाओं के लिए कर्मचारियों को पहले से तैयार किया जा रहा है. प्रशिक्षण और विकास कार्यक्रम सुनिश्चित करते हैं कि कर्मचारी नई भूमिकाओं के लिए हमेशा तैयार रहें.
ग्रीन जॉब्स में उद्देश्य इंस्पायरिंग होता है, लेकिन अकेले यह पर्याप्त नहीं है. Ecofy कार्यक्षेत्र में प्रभाव, करियर विकास और कल्याण का संतुलन बनाए रखती है. HR रणनीति का लक्ष्य यह है कि उद्देश्य और प्रदर्शन एक-दूसरे का समर्थन करें. पटेल मानती हैं कि सरकार, शिक्षा और उद्योग मिलकर ही ग्रीन जॉब्स को मुख्यधारा बना सकते हैं.