पूर्व अमेरिकी वाणिज्य सचिव जीना रायमोंडो ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ बड़ी भूल कर रहा है. उन्होंने कहा कि ट्रंप सरकार ने सभी सहयोगियों को नाराज कर दिया है.
बाइडेन प्रशासन में वाणिज्य सचिव रहीं जीना रायमोंडो जो अब हार्वर्ड में सक्रिय हैं. गवर्नर रेमंडो ने सेंसर चिप्स और एआई जैसे क्षेत्रों में अमेरिका को मजबूत बनाने का काम किया. मंगलवार को इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स के फोरम में उन्होंने ट्रंप की नीतियों को निशाना बनाया.
वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ने के बीच उनकी बातें महत्वपूर्ण हैं. रायमोंडो ने सहयोगियों से रिश्ते तोड़ने को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया. यह बयान ट्रंप के 90 देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले के बाद आया, जिसे बाद में 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया.
‘We’re making a big mistake with India. The Trump administration has pissed off all our allies. America First is one thing. America Alone is a disastrous policy,’ says former US Commerce Secretary Gina Raimondo pic.twitter.com/xSxx29V3dt
— Shashank Mattoo (@MattooShashank) October 27, 2025
रायमोंडो ने कहा कि ट्रंप प्रशासन की आक्रामक व्यापार नीतियां अमेरिका को अलग-थलग कर रही हैं. उन्होंने कहा, "मेरी आलोचना की सूची में शीर्ष पर है कि इस सरकार ने सभी सहयोगियों को नाराज कर दिया." उन्होंने कहा कि टैरिफ और संरक्षणवाद ने यूरोप से एशिया तक दोस्त देशों का भरोसा खो दिया.
उदाहरण के तौर पर, चीनी सामान पर 125 फीसदी टैरिफ बढ़ाने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो रही है. रायमोंडो ने कहा कि मेरा मानना है कि विश्वास ही कूटनीति की कुंजी है, जो अब टूट रहा है. इससे अमेरिका की वैश्विक नेतृत्व क्षमता कमजोर हो रही है.
रायमोंडो ने खासतौर पर भारत-अमेरिका रिश्तों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, "हम भारत के साथ बड़ी भूल कर रहे हैं." भारत को विश्वसनीय तकनीकी साझेदार मानते हुए रेमंडो ने सुझाव दिया कि सेंसर चिप्स से इलेक्ट्रॉनिक्स तक साझेदारी बढ़ानी चाहिए लेकिन ट्रंप की नीतियां इसे बाधित कर रही हैं.
रायमोंडो ने जोर दिया कि भारत जैसे सहयोगियों से दूरी बनाना रणनीतिक गलती है. खासकर चीन के खिलाफ मजबूत मोर्चा बनाने के लिए भारत जरूरी है. उनकी यह चेतावनी अमेरिकी कंपनियों के भारत में निवेश को बढ़ावा देने के बीच आई है.
अमेरिका फर्स्ट बनाम अमेरिका अलोन
उन्होंने आगे कहा कि 'अमेरिका फर्स्ट' का नारा आकर्षक है, लेकिन यह 'अमेरिका अलोन' की ओर ले जा रहा है. रायमोंडो ने इसे आपदा की नीति करार दिया. उन्होंने बताया कि बाजार दक्षता के पीछे भागा, जिससे एशिया पर निर्भरता बढ़ी. ताइवान की टीएसएमसी जैसी कंपनियां अब अमेरिकी एआई चिप्स बनाती हैं, लेकिन सहयोगी बिना ये रिश्ते कमजोर हैं.
रायमोंडो ने वैज्ञानिक निवेश में कटौती को राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम बताया. ट्रंप के संरक्षणवाद से मंदी का खतरा बढ़ा है, जैसा कि हालिया बाजार गिरावट से साफ है.