अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. दक्षिण कोरिया के बुसान में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कभी इतने “डरे हुए” अधिकारियों को नहीं देखा. उन्होंने मजाक में कहा कि वे अपनी कैबिनेट को भी वैसा ही अनुशासित देखना चाहते हैं जैसा शी जिनपिंग की टीम है. ट्रंप का यह बयान हंसी-मजाक के लहजे में था, लेकिन चर्चा का विषय बन गया.
ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात बुसान, दक्षिण कोरिया में हुई. यह बैठक उस समय हुई जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव फिर से बढ़ गया था. ट्रंप ने बताया कि बैठक के दौरान छह चीनी अधिकारी शी जिनपिंग के पीछे एकदम सीधे खड़े थे. उन्होंने कहा कि उन सभी का अनुशासन और चुप्पी देखकर वे हैरान रह गए.
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने एक अधिकारी से मजाक में बात करने की कोशिश की, लेकिन वह चुप रहा. उन्होंने दोबारा पूछा, “क्या तुम जवाब नहीं दोगे?” लेकिन वह फिर भी चुप ही रहा. ट्रंप ने कहा, “मैंने अपने जीवन में इतने डरे हुए लोग कभी नहीं देखे. वे सब सीधे खड़े थे, जैसे कुछ गलती हो जाएगी तो सजा मिल जाएगी.”
Trump: 'I want my Cabinet to be like Xi’s. I’ve never seen men so scared in their lives'
— RT (@RT_com) November 5, 2025
'JD doesn't behave like that. He budges into conversations!'
Says he wants him to be like the Chinese for a couple of days pic.twitter.com/Lo51mAUAA7
ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे अपनी कैबिनेट को भी वैसा ही अनुशासित देखना चाहते हैं जैसा शी जिनपिंग के अधिकारियों का व्यवहार था. उन्होंने कहा, “मेरी कैबिनेट में ऐसा अनुशासन नहीं है, सब अपनी बात कहते हैं.” उन्होंने माहौल को हल्का करते हुए उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस पर भी चुटकी ली.
ट्रंप ने कहा, “जे.डी. वेंस तो बातचीत के बीच में टपक पड़ते हैं, मुझे कुछ दिनों के लिए ही सही, ऐसा अनुशासन चाहिए.” उनके इस बयान पर दर्शकों में हंसी गूंज उठी. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी, जहां अधिकारी अपने राष्ट्रपति के सामने इतने सख्त और चुपचाप खड़े हों.
हालांकि ट्रंप ने बाद में इस मुलाकात को बहुत सफल बताया. उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “मेरी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात दोनों देशों के लिए शानदार रही. यह बैठक लंबे समय तक शांति और सफलता का रास्ता खोलेगी. ईश्वर चीन और अमेरिका दोनों पर कृपा करें.”