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फाइव आइज बंद! US ने कनाडा को दुनिया के सबसे बड़े खुफिया नेटवर्क से बाहर करने का दिया अल्टीमेटम

ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने कनाडा को फाइव आइज खुफिया गठबंधन से हटाने का प्रस्ताव दिया है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश पर दबाव बढ़ा दिया है, उन्होंने खुले तौर पर कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने पर चर्चा की है.

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Edited By: Mayank Tiwari
फाइव आइज बंद! US ने कनाडा को दुनिया के सबसे बड़े खुफिया नेटवर्क से बाहर करने का दिया अल्टीमेटम
Courtesy: Social Media

अमेरिकी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद से वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं. हाल ही में ट्रंप प्रशासन के सलाहकार पीटर नवारो ने कनाडा को फाइव आइज खुफिया गठबंधन से हटाने का प्रस्ताव दिया है. बता दें कि, यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा कनाडा पर दबाव बढ़ाने के प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है, जिनकी सरकार ने पिछले दिनों खुले तौर पर कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने पर विचार किया था.

कनाडा पर बढ़ा दबाव

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन का यह कदम कनाडा के प्रति अमेरिकी नीति में एक बड़ा बदलाव दिखाता है. जिसमें सलाहाकर पीटर नवारो ने सुझाव दिया कि कनाडा को फाइव आइज गठबंधन से बाहर करने से अमेरिका की खुफिया सुरक्षा में सुधार हो सकता है, जबकि इस प्रस्ताव का उद्देश्य दोनों देशों के बीच असहमति और तनाव को और बढ़ाना प्रतीत होता है.

फाइव आइज गठबंधन क्या होता है?

फाइव आइज एक प्रमुख खुफिया साझेदारी है, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं. यह गठबंधन एक दूसरे के साथ खुफिया जानकारी साझा करता है और दुनियाभर में खुफिया गतिविधियों पर निगरानी रखता है. ऐसे में ट्रंप प्रशासन का यह प्रस्ताव कनाडा की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है, विशेष रूप से तब जब कनाडा और अमेरिका के बीच आर्थिक और कूटनीतिक रिश्ते भी महत्वपूर्ण हैं.

ट्रंप का "51वां राज्य" विचार

ट्रंप के प्रशासन में, कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने की बात भी की गई थी. यह विचार अमेरिकी राजनीति और कूटनीति के परिप्रेक्ष्य में काफी असामान्य और विवादास्पद माना गया था. हालांकि, इस प्रस्ताव का कितना वास्तविक समर्थन था, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह ट्रंप की नीति और उनके द्वारा उठाए गए कठोर कदमों को दिखाता है.

इस प्रस्ताव से कनाडा और अमेरिका में बढ़ सकता है तनाव

इस प्रस्ताव से न केवल अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खुफिया गठबंधनों में भी अस्थिरता आ सकती है. ऐसे में आने वाले समय में, इस मुद्दे पर और भी जानकारी सामने आ सकती है, जो वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है.