नई दिल्ली: यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने एक फुटेज जारी किया है जिसमें अमेरिकी सेना ईरान के चारों ओर नौसैनिक नाकाबंदी लागू करती दिख रही है. इसमें एक हेलीकॉप्टर पर सवार मशीनगनधारी सैनिक एक मालवाहक जहाज को वापस लौटने की चेतावनी देता हुआ दिखाई देता है. इस वीडियो में एक अमेरिकी सैनिक जहाज पर एक भारी-कैलिबर हथियार ताने हुए दिखाया गया है, जबकि रेडियो पर निर्देश दिए जा रहे हैं, जो समुद्र में बढ़ती तनातनी को दिखाता है.
फुटेज में रेडियो पर एक आवाज कहती है, 'यह यूनाइटेड स्टेट्स वॉरशिप 115 है. आप एक सैन्य नाकाबंदी वाले क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं'. 'ईरानी बंदरगाह में प्रवेश करने या उससे बाहर निकलने का इरादा रखने वाले किसी भी जहाज की तलाशी ली जाएगी. यदि आप नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश करते हैं, तो हम बलपूर्वक आपको आदेश मानने के लिए मजबूर करेंगे.'
Since the commencement of the blockade against ships entering or exiting Iranian ports and coastal areas, U.S. forces have directed 27 vessels to turn around or return to an Iranian port. pic.twitter.com/G8dl96wN4H
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 20, 2026
CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना ने कम से कम 27 जहाजों को वापस लौटने या किसी ईरानी बंदरगाह पर लौटने के लिए मजबूर किया है. CENTCOM का दावा है कि यह महत्वपूर्ण जलमार्ग पर उसकी सैन्य नाकाबंदी का ही एक हिस्सा है. CENTCOM ने X पर कहा, 'ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले जहाजों के खिलाफ नाकेबंदी शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने 27 जहाजों को वापस लौटने या किसी ईरानी बंदरगाह पर जाने का निर्देश दिया है.'
अमेरिकी सेना ने बताया कि रविवार को एक टकराव के बाद उसने ईरान का झंडा लगे एक मालवाहक जहाज पर गोलीबारी की, जो बंदर अब्बास बंदरगाह की ओर जा रहा था. CENTCOM द्वारा जारी एक वीडियो में अमेरिकी मरीन को ऑपरेशन के दौरान हेलीकॉप्टरों से रस्सी के सहारे जहाज पर उतरते हुए दिखाया गया है.
समुद्री सुरक्षा सूत्रों ने संकेत दिया कि जहाज पर ऐसे दोहरे उपयोग वाले सामान ले जाने का संदेह था जिनका सैन्य उपयोग हो सकता था. हालांकि, ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि जहाज चीन से आया था, साथ ही उसने अमेरिका पर सशस्त्र समुद्री डकैती का आरोप लगाया.
ईरानी अधिकारियों ने कहा कि वे उस कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार थे जिसे उन्होंने खुली आक्रामकता बताया लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जहाज पर चालक दल के सदस्यों के परिवारों सहित आम नागरिकों की मौजूदगी ने उनके विकल्पों को सीमित कर दिया था.
ईरानी कच्चे तेल के एक प्रमुख आयातक चीन ने इस जहाज को रोके जाने पर चिंता व्यक्त की. सरकारी मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते सामान्य जहाजरानी फिर से शुरू करने का आह्वान किया और सभी पक्षों से राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान खोजने का आग्रह किया.