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India Daily

US-Iran Tension: '24 घंटे और तबाही की टिक-टिक', सीजफायर कल होगा खत्म; अमेरिका की धमकियों पर भड़का ईरान

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की अवधिक कल समाप्त होने जा रही है. इसको लेकर पूरे विश्व में तनाव का माहौल है.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
US-Iran Tension: '24 घंटे और तबाही की टिक-टिक', सीजफायर कल होगा खत्म; अमेरिका की धमकियों पर भड़का ईरान
Courtesy: X

विश्व में इस वक्त अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भयंकर तनातनी के चलते सांसें थामे बैठी है. दोनों देशों के बीच 14 दिनों के सीजफायर की मियाद कल खत्म होने जा रही है. ऐसे में अगले 24 घंटे मध्य-पूर्व और वैश्विक शांति के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं. सवाल अब यह है कि क्या बातचीत से कोई चमत्कार होगा या फिर सीजफायर खत्म होते ही दोनों देश आर-पार की जंग में कूद पड़ेंगे.

बातचीत पर लगा ब्रेक

तनाव के बीच यह उम्मीद जताई जा रही थी कि दोनों देशों का प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत करेगा. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस आज पाकिस्तान के लिए उड़ान भर सकते हैं, दूसरी तरफ ईरान ने साफ कर दिया है कि उसका कोई भी दल, न आधिकारिक और न ही अनौपचारिक, बातचीत के लिए इस्लामाबाद गया है. ईरान ने दो टूक शब्दों में कहा है, "हम धमकी के माहौल में कोई बातचीत नहीं करेंगे. जब तक अमेरिका अपना रवैया नहीं बदलता, बातचीत पर ब्रेक लगा रहेगा."

ट्रंप की धमकियों से बिगड़ी बात?

एक रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के पटरी से उतरने की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्टाइल है. ट्रंप खुलेआम सोशल मीडिया पर दबाव बनाने, धमकियां देने और अपनी शर्तों को जबरन थोपने की कोशिश कर रहे हैं. ट्रंप जल्दबाजी में यह दावा कर देते हैं कि ईरान ने सारी बातें मान ली हैं और वह अपना यूरेनियम संवर्धन बंद कर देगा, जिसे ईरान तुरंत खारिज कर देता है. ईरान का मानना है कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि उनका एक राष्ट्रपति समझौता करता है और दूसरा उसे तोड़ देता है.

ईरान की छिपी हुई चेतावनी

ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह डरने वाला नहीं है. ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलिबाफ ने कड़े शब्दों में अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर फिर से युद्ध छिड़ता है, तो ईरान रणभूमि में नए कार्ड खोलेगा. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस सीजफायर के 14 दिनों में ईरान ने अपनी घातक मिसाइलों को तहखानों से बाहर निकाल लिया है और अमेरिकी नौसेना पर हमले के लिए ड्रोन के झुंड तैयार कर लिए हैं. इसके अलावा, ईरान होर्मुज और बाब अल मंदेब जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने के लिए हूती विद्रोहियों को भी सक्रिय कर सकता है.