आखिर US ने क्यों लिया U-टर्न? PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाने वाले मैप का पोस्ट डिलीट
US ने वह मैप हटा दिया है जिसमें PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया था. यह मैप भारत के साथ ट्रेड डील की घोषणा के समय शेयर किया गया था. इस कदम को डिप्लोमैटिक यू-टर्न के तौर पर देखा जा रहा है.
नई दिल्ली: U-टर्न लेते हुए US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के ऑफिस ने अब भारत का एक मैप डिलीट कर दिया है जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK और अक्साई चिन दोनों को भारतीय इलाके में दिखाया गया था. इस मैप ने कई लोगों को हैरान कर दिया था क्योंकि यह वाशिंगटन DC के पहले के मैप से बिल्कुल अलग था, जो इस्लामाबाद की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए बनाए गए थे और PoK के लिए साफ तौर पर निशान लगाए गए थे.
यह मैप जिसमें PoK और अक्साई चिन को भारत का एक अहम हिस्सा दिखाया गया था, पिछले हफ्ते वाशिंगटन DC की नई दिल्ली के साथ ट्रेड डील की घोषणा करते हुए पोस्ट किया गया था.
क्या हो सकती है इसकी वजह?
इस बात पर बड़े पैमाने पर अटकलें लगाई जा रही थीं कि यह एक गलती थी या दोनों पक्षों के बीच रिश्तों में फिर से सुधार के बीच एक सोची-समझी रीपोजिशनिंग थी. इसके बाद अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के ऑफिस ने आखिरकार इस बहस को खत्म करने का फैसला किया और अपने ऑफिशियल अकाउंट से पोस्ट को पूरी तरह से हटा दिया.
पहले मैप में क्या दिखाया जाता था?
पहले US सरकार के मैप में आमतौर पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK को अलग से दिखाया जाता था, जो पाकिस्तान के दावों को दिखाता था. अब डिलीट किए गए मैप में ऐसे फर्क नहीं थे और इसमें भारत की सीमाओं के अंदर सभी विवादित इलाके शामिल थे.
दोनों देशों के बीच कैसी चल रही ट्रेड डील?
ट्रेड विवादों से भरे एक समय के बाद दोनों देश हाल ही में टैरिफ कम करने पर सहमत हुए हैं, जो US द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए 50 परसेंट रेट से बदलकर 18 परसेंट कर दिया गया है, जो एशियाई देशों में सबसे कम है. इस ट्रेड डेवलपमेंट ने नए सिरे से सहयोग के लिए माहौल तैयार किया है.
क्या है अक्साई चिन का मामला?
डिलीट किए गए मैप में उत्तर-पूर्वी लद्दाख में मौजूद इलाके अक्साई चिन को भी भारत का हिस्सा दिखाया गया था. भारत के एतराज के बावजूद चीन लगातार अक्साई चिन पर अपना दावा करता रहा है.
भारत क्या करता है दावा?
भारत ने बार-बार जम्मू और कश्मीर के पूरे इलाके पर अपना दावा जताया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी US स्टेट डिपार्टमेंट और दूसरी ग्लोबल एजेंसियों के मैप्स पर भारत के बॉर्डर्स खासकर जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश के गलत चित्रण पर लगातार एतराज जताया है.
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