Europe Flight Cancellation: कोपेनहेगन और ओस्लो एयरपोर्ट पर दिखे अज्ञात ड्रोन, 40 से ज्यादा उड़ानें रद्द और 40 का बदला रूट, देखें वीडियो

Europe Flight Cancellation: डेनमार्क के कोपेनहेगन और नॉर्वे के ओस्लो एयरपोर्ट पर संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों से हवाई सेवाएं प्रभावित हुईं. कोपेनहेगन में 50 से ज्यादा उड़ानें डायवर्ट करनी पड़ीं और दर्जनों रद्द हुईं. ओस्लो एयरपोर्ट पर भी ड्रोन देखे जाने के बाद उड़ानों को अस्थायी रूप से रोका गया.

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Km Jaya

Europe Flight Cancellation: डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन और नॉर्वे की राजधानी ओस्लो के एयरपोर्ट पर सोमवार देर रात और मंगलवार सुबह ड्रोन देखे जाने के बाद अफरा-तफरी मच गई. सुरक्षा कारणों से दोनों प्रमुख हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा. इससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और उड़ानों का संचालन घंटों तक प्रभावित रहा.

स्थानीय समयानुसार सोमवार रात लगभग 8:30 बजे कोपेनहेगन एयरपोर्ट के आसपास दो से तीन संदिग्ध ड्रोन देखे गए. एयरपोर्ट की प्रवक्ता लीसे एगरले कुरस्टेन ने बताया कि ड्रोन की वजह से हवाई अड्डे को तत्काल बंद करना पड़ा और उड़ानों को अन्य स्थानों पर भेज दिया गया. उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन फिलहाल एयरपोर्ट कब तक सामान्य रूप से खुलेगा, इसकी कोई निश्चित समयसीमा नहीं है.

ओस्लो के एयरपोर्ट पर दिखे ड्रोन

इसी बीच नॉर्वे की राजधानी ओस्लो के एयरपोर्ट पर भी मंगलवार सुबह ड्रोन दिखे जाने के बाद एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया. वहां आने वाली उड़ानों को नजदीकी हवाई अड्डों की ओर मोड़ा गया. नॉर्वेजियन पुलिस ने जानकारी दी कि दो विदेशी नागरिकों को प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, इसका कोपेनहेगन की घटना से कोई संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है.

ड्रोन गतिविधियों को लेकर सतर्कता

यूरोप में हाल के दिनों में ड्रोन गतिविधियों को लेकर सतर्कता और बढ़ गई है. कुछ समय पहले रूसी ड्रोन पोलैंड और रोमानिया के हवाई क्षेत्र में दाखिल हो गए थे, जिसके बाद नाटो देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी. हालांकि डेनमार्क और नॉर्वे में हुए इस ड्रोन व्यवधान का उससे कोई सीधा संबंध नहीं माना जा रहा है. इससे पहले भी यूरोप के कई एयरपोर्ट ड्रोन गतिविधियों से प्रभावित हो चुके हैं. साल 2018 में लंदन के गैटविक एयरपोर्ट पर ड्रोन की वजह से हजारों यात्री फंस गए थे और सैकड़ों उड़ानें बाधित हुई थीं.