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रूस ने यूक्रेन के ओडेसा-चेर्निहिव शहर को ड्रोन हमले से किया बर्बाद, चारों तरफ अंधकार और धुआं, सैकड़ों घर तबाह

रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए, जिनमें ओडेसा और चेर्निहिव क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. 112 ड्रोन मार गिराने का दावा किया गया, लेकिन कई इलाकों में ऊर्जा ढांचा तबाह हो गया. करीब 60,000 से ज्यादा लोग बिजली से वंचित हुए और एक व्यक्ति की मौत हुई.

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Kuldeep Sharma

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. शनिवार की रात से रविवार सुबह तक रूस ने यूक्रेन पर 142 ड्रोन दागे, जिनमें से यूक्रेन ने 126 को मार गिराने का दावा किया है. इसके बावजूद 10 जगहों पर ड्रोन हमले सफल रहे, जिनमें सबसे ज्यादा नुकसान ओडेसा और चेर्निहिव क्षेत्र को झेलना पड़ा. इन हमलों ने न सिर्फ ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया, बल्कि हजारों घरों को अंधेरे में डुबो दिया.

रूसी रक्षा मंत्रालय ने इंटरफैक्स एजेंसी के हवाले से दावा किया कि उसने पिछले 24 घंटों में यूक्रेन से दागे गए 112 ड्रोन को मार गिराया. रूस ने यह भी कहा कि इन हमलों के जरिए उसने यूक्रेन के बंदरगाह ढांचे को निशाना बनाया, जिसे कथित तौर पर सैन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. इस दौरान ओडेसा क्षेत्र की चार बिजली इकाइयां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं.

ओडेसा और चोर्नोमॉर्स्क सबसे ज्यादा प्रभावित

यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र के गवर्नर ओलेह किपर ने बताया कि बंदरगाह शहर चोर्नोमॉर्स्क पर हमलों ने सबसे अधिक तबाही मचाई. यहां प्रशासनिक और रिहायशी इमारतें निशाना बनीं और पूरे शहर की बिजली कट गई. हालांकि जरूरी सेवाएं फिलहाल जनरेटर से चल रही हैं. जानकारी के अनुसार इस दौरान एक व्यक्ति की मौत भी हो गई है.

चेर्निहिव में भीषण तबाही

हमलों का असर उत्तरी यूक्रेन के चेर्निहिव क्षेत्र पर भी पड़ा है. स्थानीय गवर्नर व्याचेसलाव चाउस के मुताबिक, यहां ऊर्जा ढांचे को भारी नुकसान हुआ है और कम से कम 30,000 घरों की बिजली चली गई. निझिन शहर के कई हिस्से भी प्रभावित हुए हैं.

ऊर्जा ढांचे पर क्या है रूस की रणनीति

विशेषज्ञ मानते हैं कि रूस पिछले कुछ हफ्तों से यूक्रेन के ऊर्जा और गैस ढांचे को लगातार निशाना बना रहा है. रूस का मकसद सर्दी के मौसम से पहले यूक्रेन की ऊर्जा आपूर्ति को कमजोर करना है. जवाबी कार्रवाई में यूक्रेन भी रूसी तेल रिफाइनरियों और पाइपलाइनों को निशाना बना रहा है. यूक्रेन की सबसे बड़ी बिजली कंपनी डीटीईके ने कहा कि जैसे ही सेना अनुमति देगी, मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कर दिया जाएगा.