रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी की ‘सिस्तेमा’ परियोजना की जांच में पता चला है कि पुतिन कई ऐसे डुप्लीकेट ऑफिसों का इस्तेमाल करते हैं, जो दिखने में पूरी तरह एक जैसे बनाए गए हैं.
जांच में दावा है कि विभिन्न लोकेशन पर मौजूद ये कमरे कैमरे पर इतने समान दिखते हैं कि यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि पुतिन वास्तव में किस जगह पर मौजूद हैं.
रिपोर्ट के अनुसार पुतिन कम से कम तीन ऐसे ऑफिसों में दिखाई दिए हैं, जिनकी दीवारें, फर्नीचर और सेटअप बिल्कुल एक जैसा है. ये ऑफिस नोवो-ओगार्योवो (मॉस्को के बाहर), सोची (ब्लैक सी तट) और वालदाई (मॉस्को से लगभग 250 मील दूर) में स्थित हैं. तीनों कमरे कैमरे पर लगभग एक ही जैसे नजर आते हैं.
जांचकर्ताओं ने क्रेमलिन द्वारा जारी 700 से अधिक वीडियो की समीक्षा की और पाया कि कई मौकों पर पुतिन की लोकेशन गलत तरीके से बताई गई. उदाहरण के लिए, कुछ वीडियो जिन्हें नोवो-ओगार्योवो का बताया गया था, असल में वालदाई में रिकॉर्ड किए गए थे. थर्मोस्टैट, डोर हैंडल और दीवारों की बनावट जैसे सूक्ष्म संकेतों से लोकेशन पहचानी गई.
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ये ऑफिस अलग-अलग समय पर बनाए गए. 2015 में नोवो-ओगार्योवो ऑफिस का दस्तावेज़ीकरण हुआ, 2018 में वालदाई का रिप्लिका तैयार किया गया और 2020 में सोची वाला. इससे पुतिन को किसी भी जगह से एक ही बैकग्राउंड में उपस्थित होने का विकल्प मिला.
सिस्तेमा की रिपोर्ट के अनुसार ये डुप्लीकेट ऑफिस क्रेमलिन को पुतिन की गतिविधियों को गोपनीय रखने का मौका देते हैं. इसके पीछे सुरक्षा, राजनीतिक संदेश या सार्वजनिक छवि को स्थिर दिखाने की रणनीति हो सकती है. रिपोर्ट से पता चलता है कि यह व्यवस्था कई वर्षों में योजनाबद्ध तरीके से तैयार की गई.