नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE से अपने पांच देशों के विदेश दौरे की शुरुआत की है. वे शुक्रवार को अबू धाबी पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. प्रधानमंत्री को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया. इस दौरे का मुख्य मकसद व्यापार, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और निवेश के क्षेत्रों में भारत के संबंधों को और मजबूत करना है.
अबू धाबी में प्रधानमंत्री मोदी ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा सहयोग, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय मुद्दों जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है. पिछले कुछ सालों में भारत और UAE के बीच संबंध काफी मजबूत हुए हैं और दोनों देश इस समय कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर मिलकर काम कर रहे हैं.
#WATCH अबू धाबी, UAE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अबू धाबी पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 15, 2026
(सोर्स: DD न्यूज़) pic.twitter.com/QlsQtw8OnN
व्यापारिक संगठनों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारतीय व्यवसायों और निर्यात के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. उम्मीद है कि नए अवसर खुलेंगे, खासकर इंजीनियरिंग, दवा, टेक्नोलॉजी, हरित ऊर्जा, कपड़ा और डिजिटल व्यापार जैसे क्षेत्रों में. UAE को भारत के लिए मध्य पूर्व और अफ्रीका के बाजारों तक पहुंचने का एक अहम रास्ता माना जाता है.
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी UAE, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे. यह दौरा 15 मई से 20 मई तक चलेगा. माना जा रहा है कि वहां वे डच नेताओं और शाही परिवार के सदस्यों से मुलाकात करेंगे. इस दौरे के दौरान चर्चा का मुख्य विषय सेमीकंडक्टर, हरित हाइड्रोजन, जल प्रबंधन और रक्षा सहयोग जैसे विषय होंगे. इसके बाद वे स्वीडन और नॉर्वे जाएंगे, जहां बातचीत का केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती टेक्नोलॉजी, हरित विकास और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने जैसे मुद्दे होंगे.
नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस शिखर सम्मेलन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता भी मौजूद रहेंगे. अपने दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री इटली जाएंगे, जहां वे इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे.