SCO Summit 2025: 'भारत-रूस कठिन परिस्थितियों में भी कंधे से कंधा मिलाकर चले', ट्रंप के 'टैरिफ अटैक' के बीच पुतिन से बोले PM मोदी

ट्रंप के टैरिफ अटैक का मुद्दा गरमाया हुआ है, इसी बीच चीन में SCO सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. मोदी ने भारत-रूस संबंधों को गहरी और व्यापक साझेदारी बताया और दिसंबर में होने वाले 23वें शिखर सम्मेलन का भी जिक्र करते हुए कुछ बड़े अहम मुद्दों पर भी बात की.

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SCO Summit 2025: अभी ट्रंप के टैरिफ अटैक का मुद्दा गरमाया हुआ है, इसी बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की. इस बैठक में दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों, वैश्विक चुनौतियों और यूक्रेन संघर्ष जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की. 

पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन से उनकी हर मुलाकात यादगार होती है. उन्होंने यह भी जिक्र  किया कि दोनों देशों के बीच लगातार उच्च-स्तरीय संवाद जारी है और कई बार जानकारी साझा करने का अवसर मिला है. मोदी ने यह भी कहा कि भारत और रूस लगातार संपर्क में रहे हैं और उनकी विशेष साझेदारी समय के साथ और गहरी हुई है.

यूक्रेन में जारी युद्ध पर चर्चा

इस बैठक में यूक्रेन में जारी युद्ध पर भी चर्चा हुई. मोदी ने कहा कि भारत और रूस लगातार इस संघर्ष पर विचार-विमर्श करते रहे हैं. उन्होंने शांति के लिए हाल में हुए प्रयासों का स्वागत किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने का रास्ता खोजा जाना चाहिए, क्योंकि यह पूरी मानवता की पुकार है.

वैश्विक राजनीति में बड़े बदलाव

विश्लेषकों के मुताबिक भारत और रूस की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं. एक ओर रूस पश्चिमी देशों के दबाव और प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, वहीं भारत संतुलित कूटनीति के तहत रूस से संबंध मजबूत बनाए हुए है. भारत का यह रुख वैश्विक स्तर पर शांति की दिशा में उसके प्रयासों को दर्शाता है.

बैठक रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम 

दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में मजबूत सहयोग है. हाल के वर्षों में रूस भारत का एक अहम ऊर्जा साझेदार बन गया है. वहीं, रक्षा क्षेत्र में भी भारत रूस से अत्याधुनिक तकनीक और उपकरण खरीदता रहा है. इसी वजह से पीएम मोदी और पुतिन की बैठक को रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है.