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India Daily

‘अगर पाकिस्तान हमला करता है, तो हम भारत का साथ देंगे…’ बयान देने के बाद हिरासत में मौलवी

मरदान जिले के मौलवी गुलजार ने कहा है कि अगर कभी पाकिस्तान, भारत पर अटैक करता है तो वो भारत का साथ देंगे. पाकिस्तानी आर्मी कैदियों के साथ अमानविय व्यवहार करते हैं.

Shilpa Shrivastava
‘अगर पाकिस्तान हमला करता है, तो हम भारत का साथ देंगे…’ बयान देने के बाद हिरासत में मौलवी
Courtesy: @WakhanIntel X

नई दिल्ली: खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एक पाकिस्तानी धार्मिक नेता को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस नेता ने कथित तौर पर पाकिस्तान आर्मी के खिलाफ कई बातें कहीं हैं, जिसके लिए इन्हें हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा था कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ, तो वह और दूसरे लोग आर्मी की क्रूरता की वजह से भारत का साथ देंगे.

यह व्यक्ति मरदान जिले के मौलवी गुलजार बताया गया है. इसका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें इन्होंने कहा है कि हिंदुओं ने कभी भी उनके साथ इतना बुरा बर्ताव नहीं किया जितना पाकिस्तानी सैनिकों ने जेल में उनके साथ किया है. अगर भारत पाकिस्तान पर हमला करता है, तो हम अपनी ही सरकार की क्रूरता की वजह से भारत का साथ देंगे."

कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार करने का आरोप:

मौलवी गुलजार ने पाकिस्तानी आर्मी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि कैदियों और धार्मिक विद्वानों के साथ अमानवीय व्यवहार करते थे. उन्होंने यह भी दावा किया है कि जब वो जेल में थे तो कई इस्लामिक मौलवियों ने पवित्र कुरान की कसम खाई थी और कहा था कि अगर भारत कभी पाकिस्तान पर हमाल करता है तो वो भारत का साथ देंगे.

हिंदूओं और भारतीय सेना ने नहीं किया गलत व्यवहार:

सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों और मदरसे के छात्रों के साथ पाकिस्तानी आर्मी क्रूरता जैसा व्यवहार करते थे. इस तरह का व्यवहार कभी किसी हिंदू या भारतीय सैनिकों ने नहीं किया है. भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना से बेहतर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने आर्मी और खुफिया सर्विसेज की आलोचना की और इसके बाद गुलजार को हिरासत में ले लिया. अब इनसे पूछताछ की जा रही है.

पाकिस्तान के लोग बयान से हुए नाराज:

वैसे तो गुलजार के इस बयान से कोई हिंसा नहीं भड़की है लेकिन पाकिस्तान के कुछ कबायली इलाके के लोग इस बयान से गुस्से में नजर आ रहे हैं. अब तक, पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनकी गिरफ्तारी के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. साथ ही उन्होंने इस बात की भी पुष्टि नहीं की है कि यह वीडियो असली है या नकली. इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान की सेना और उसकी आबादी के कुछ वर्गों के बीच तनाव को उजागर किया है. इससे एक बात जरूर उठती है कि सेना पर दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का आरोप लगाए जाते हैं.