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'हीरो बनने की जिद में भिखारी बना पाकिस्तान', PM शहबाज शरीफ ने बताया ईरान-अमेरिका युद्ध में पाक का कितना लॉस?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे जंग का असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. इस बात की जानकारी खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कैबिनेट बैठक के दौरान दी.

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Shanu Sharma

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष  को रुकवाने की पूरी कोशिश की. इसके लिए इस्लामाबाद में शांति वार्ता भी आयोजित किया गया. हालांकि इसके बाद भी दोनों देशों के बीच स्थिति ज्यादा नहीं सुधरी. इसी बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक इस बात को माना है कि इस जंग के कारण पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा.

पाक पीएम ने कहा कि इस संघर्ष के कारण पाकिस्तान की आर्थिक प्रगति को गंभीर झटका पहुंचा रहा है. हालांकि पाकिस्तान पहले से ही महंगाई और गरीबी की मार झेल रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने और पश्चिम एशिया में स्थायी शांति बहाल करने के लिए निरंतर कूटनीतिक प्रयास कर रही है.

पाक की अर्थव्यवस्था पर बढ़ा बोझ

प्रधानमंत्री शरीफ ने पाकिस्तान को हुए नुकसान के बारे में बताते हुए कहा कि संघर्ष शुरू होने से पहले पाकिस्तान का तेल आयात बिल लगभग 300 मिलियन डॉलर था, जो अब बढ़कर 800 मिलियन डॉलर हो गया है. इस वृद्धि ने देश की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाला है. हालांकि इसके अलावा भी पाकिस्तान को नुकसान हो रहे हैं, जिसका उन्होंने जिक्र नहीं किया. इस युद्ध को रुकवाने के लिए लगातार विदेश यात्रा और अंतरराष्ट्रीय स्तर इवेंट(शांति वार्ता) में भी पाकिस्तान के मोटे रकम लगे हैं. लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि एक टास्क फोर्स रोजाना स्थिति की निगरानी कर रही है और सरकार हर पहलू पर सतर्क नजर रखे हुए है.

अपने मंत्रियों से क्या बोले पीएम शहबाज शरीफ

कैबिनेट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अमेरिका-ईरान वार्ता में हुई प्रगति और पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच हुई लंबी चर्चा 21 घंटे तक चली, जिसे एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है. उन्होंने इसमें फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान बताया. पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के दूसरे दौर की मेजबानी करने की योजना बना रहा है.

ईरानी मंत्री ने सप्ताहांत में 48 घंटे के अंदर पाकिस्तान के दो छोटे दौरे किए और फील्ड मार्शल मुनीर तथा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से क्षेत्रीय स्थिति पर विस्तृत चर्चा की. प्रधानमंत्री शरीफ ने कैबिनेट सदस्यों को बताया कि पाकिस्तान ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए निष्पक्ष और ईमानदार प्रयास किए हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही यह संघर्ष समाप्त हो जाएगा और दोनों पक्ष स्थायी शांति समझौते पर पहुंचेंगे.