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Pakistan media controversy: गलत रिपोर्टिंग से शर्मिंदा हुआ पाक मीडिया, ट्रंप की पाकिस्तान यात्रा की अफवाह निकली झूठी

Pakistan media controversy: पाकिस्तानी मीडिया ने डोनाल्ड ट्रंप के सितंबर में पाकिस्तान दौरे की झूठी खबर फैलाई, जिसे वॉइट हाउस ने सिरे से खारिज कर दिया. बाद में जियो न्यूज और ARY जैसे प्रमुख चैनलों को रिपोर्ट वापस लेनी पड़ी और माफी भी मांगनी पड़ी. ट्रंप उस दौरान ब्रिटेन दौरे पर रहेंगे, जिसकी पुष्टि पहले ही हो चुकी थी.

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Km Jaya

Pakistan media controversy: पाकिस्तानी मीडिया की साख एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. इस बार कारण बना डोनाल्ड ट्रंप का कथित पाकिस्तान दौरा, जिसकी खबरें चलाकर कुछ मीडिया चैनलों ने भ्रम फैलाया लेकिन अब वॉइट हाउस ने इस पूरे दावे को खारिज कर दिया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 17 जुलाई को पाकिस्तान के दो प्रमुख चैनलों, जियो न्यूज और ARY ने रिपोर्ट किया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और 2024 के संभावित रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप सितंबर 2025 में पाकिस्तान की यात्रा पर आ सकते हैं. रिपोर्ट्स में यहां तक कहा गया कि ट्रंप का भारत दौरा भी प्रस्तावित है, जहां वे क्वाड सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं.

वॉइट हाउस का आधिकारिक बयान 

हालांकि, इन अटकलों पर विराम तब लगा जब वॉइट हाउस ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, "इस समय पाकिस्तान की यात्रा निर्धारित नहीं है." इसके बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में पाकिस्तानी चैनलों की तीखी आलोचना हुई और दोनों प्रमुख चैनलों को अपनी रिपोर्ट वापस लेनी पड़ी.

न्यूज चैनलों ने मांगी माफी

जियो न्यूज ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा, "हम बिना पुष्टि के खबर चलाने के लिए अपने दर्शकों से क्षमा चाहते हैं." वहीं ARY चैनल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जब पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने दौरे की जानकारी से इनकार किया, तब उन्होंने खबर वापस लेने का फैसला किया.

रिपोर्ट की सच्चाई उजागर 

रिपोर्ट की सच्चाई तब उजागर हुई जब पता चला कि डोनाल्ड ट्रंप सितंबर के महीने में ब्रिटेन दौरे पर रहेंगे. ब्रिटिश शाही परिवार ने पुष्टि की है कि ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप 17-19 सितंबर को विंडसर पैलेस में किंग चार्ल्स के साथ रहेंगे.

झूठी रिपोर्ट प्रसारित

यह जानकारी पहले से ब्रिटिश राजपरिवार और अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा प्रकाशित की जा चुकी थी. इसके बावजूद पाकिस्तानी मीडिया ने बिना जांच-पड़ताल के यह झूठी रिपोर्ट प्रसारित की, जिससे उसकी वैश्विक स्तर पर आलोचना हो रही है. इससे यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तानी मीडिया के एक वर्ग में खबरों की पुष्टि की प्रक्रिया कमजोर है और राजनीतिक लाभ के लिए गलत सूचनाएं फैलाई जाती हैं.