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सीजफायर का उल्लंघन कर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर बरसाए गोले, भड़के तालिबान ने दी चेतावनी

Pakistan-Afghan Conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर पिछले कुछ दिनों से हिंसक झड़पें बढ़ गई है. दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे पर सीमा उल्लंघन और आतंकवादियों को आश्रय देने जैसे आरोप लगा रही है. इस संघर्ष में कई सैनिकों व नागरिकों की मौतें हुई है और भारी संख्या में लोग घायल हुए हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

Pakistan-Afghan Conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी जंग थमने का नाम नहीं ले रहा है. पाकिस्तान ने शुक्रवार शाम को अफगानिस्तान के एक सीमावर्ती प्रांत में हमले किए, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच दो दिनों से जारी संघर्ष विराम टूट गया है. पाकिस्तानी हमले को लेकर एक वरिष्ठ तालिबानी अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान ने संघर्ष विराम तोड़ा है और पक्तिका प्रांत में तीन स्थानों पर बमबारी की है. उन्होंने आगे कहा कि अफगानिस्तान जवाबी कार्रवाई करेगा. पाकिस्तान की इस अप्रत्याशित कार्रवाई से दोनों देशों के बीच जारी तनाव और अधिक गहराने की आशंका है. 

ये ताज़ा हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच दो दिवसीय युद्धविराम शुक्रवार शाम को समाप्त हो गया. पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों और एक तालिबान सूत्र के हवाले से बताया था कि दोनों देश दोहा में वार्ता पूरी होने तक युद्धविराम को बढ़ाने पर सहमति की बात सामने आई थी. बुधवार को इस्लामाबाद समयानुसार शाम 6:00 बजे शुरू हुए इस युद्धविराम ने लगभग एक हफ़्ते से चल रहे खूनी सीमा संघर्षों पर विराम लगा दिया था, जिसमें दोनों पक्षों के दर्जनों सैनिक और नागरिक मारे गए थे. पिछले शनिवार को तालिबान के विदेश मंत्री के भारत दौरे के साथ ही इस्लामाबाद और काबुल के बीच हिंसा बढ़ गई थी.

आतंकी समूहों को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है पाकिस्तान

पाकिस्तान का दावा है कि अफगानिस्तान पाकिस्तान में हमला करने वाले आतंकी समूहों जैसे तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (TTP) को अपने इलाके में आश्रय दे रहा है. दूसरी ओर तालिबान कह रही है कि पाकिस्तानी हमले उनके इलाके में नागरिक क्षेत्रों या बुनियादी संरचनाओं को निशाना बना रहे हैं, और यह युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है.

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान को दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

युद्धविराम के बावजूद तनाव अधिक है क्योंकि दोनों पक्षों पर भरोसा टूटने की स्थिति है. पाकिस्तान ने यह स्पष्ट किया है कि बातचीत तभी संभव है जब अफगानिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई हो और उन्हें सीमा पार से हमले की अनुमति न मिले. वही दूसरी तरफ अफगान पक्ष ने भी अपना रुख स्पष्ट किया है कि अगर हमले हुए तो वो जवाबी कार्रवाई करने से बाज नहीं आएगा.