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Canada US Relations: अमेरिका से 'पुराना रिश्ता' खत्म, कनाडा ने टैरिफ युद्ध में दिया करारा जवाब

Canada US Relations: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के साथ संबंधों में बड़े बदलाव की बात की है, जिसमें उन्होंने आर्थिक स्वतंत्रता की जरूरत पर जोर दिया है.

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Ritu Sharma

Canada US Relations: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के साथ देश के आर्थिक और सुरक्षा संबंधों में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि अमेरिका अब विश्वसनीय साझेदार नहीं रहा और कनाडा को अपने पड़ोसी देश पर निर्भरता कम करनी होगी.

अमेरिकी टैरिफ पर नाराजगी, जवाबी कार्रवाई की तैयारी

यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए नए टैरिफ के जवाब में उठाया गया है. कार्नी ने कहा, ''यह स्पष्ट है कि अमेरिका अब एक भरोसेमंद भागीदार नहीं है. हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अब पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है.'' उन्होंने अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (USMCA) समेत कई व्यापारिक समझौतों पर पुनर्विचार करने की बात कही.

टैरिफ से कनाडाई अर्थव्यवस्था पर असर

बताते चले कि ट्रंप सरकार ने विदेशी निर्मित कारों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिससे कनाडा के ऑटोमोबाइल, इस्पात, लकड़ी, अर्धचालक और फार्मा उद्योगों पर सीधा असर पड़ेगा. कार्नी ने इसे कनाडा की अर्थव्यवस्था पर 'प्रत्यक्ष हमला' बताया.

कनाडा के कड़े कदम, नई साझेदारियों की ओर रुख

वहीं कनाडा अब फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम जैसे नए व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंध मजबूत करने पर ध्यान देगा. कार्नी ने कहा, ''हमें अपनी व्यापारिक रणनीति बदलनी होगी और असंभव लगने वाले फैसले लेने होंगे.'' उन्होंने फ्रांस और यूके के साथ नई व्यापारिक संभावनाओं की तलाश के लिए जल्द दौरा करने की योजना बनाई है.

इसके अलावा कार्नी ने कहा कि अमेरिका की आक्रामक नीतियों का जोरदार जवाब दिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया, ''हम अपने कामगारों और उद्योगों की सुरक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे.'' बता दें कि कनाडाई सरकार 2 अप्रैल को अमेरिकी टैरिफ का जवाब देने के लिए नई व्यापार नीतियों की घोषणा करेगी.

ट्रंप-कार्नी के बीच जल्द होगी बातचीत

व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि आने वाले दिनों में ट्रंप और कार्नी के बीच फोन पर बातचीत होगी. हालांकि, कनाडा के प्रधानमंत्री ने वाशिंगटन जाने की कोई योजना नहीं बनाई है, लेकिन उनके मंत्रिमंडल के सदस्य वहां जा सकते हैं.