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India Daily

शिशुओं की सुरक्षा पर नेस्ले का बड़ा फैसला, जहरीले टॉक्सिन की आशंका पर कई बेबी प्रोडक्ट्स मंगाए वापस

नेस्ले ने संभावित विषैले टॉक्सिन सेरेउलाइड की आशंका के चलते कई देशों में शिशु फॉर्मूला के चुनिंदा बैच वापस मंगाए हैं. कंपनी ने इसे एहतियाती कदम बताया है और रिफंड की घोषणा की है.

Kanhaiya Kumar Jha
शिशुओं की सुरक्षा पर नेस्ले का बड़ा फैसला, जहरीले टॉक्सिन की आशंका पर कई बेबी प्रोडक्ट्स मंगाए वापस
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य कंपनियों में शामिल नेस्ले ने शिशुओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने यूरोप के कई देशों में अपने लोकप्रिय शिशु फॉर्मूला दूध के कुछ बैच स्वेच्छा से रिकॉल करने का फैसला किया है.

यह निर्णय एक संभावित विषैले तत्व सेरेउलाइड की मौजूदगी की आशंका के बाद लिया गया. हालांकि अब तक किसी शिशु के बीमार होने की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी कंपनी और खाद्य सुरक्षा एजेंसियां किसी भी जोखिम से बचना चाहती हैं.

रिकॉल की जड़ में सेरेउलाइड नाम का टॉक्सिन है, जो Bacillus cereus बैक्टीरिया के कुछ स्ट्रेन से बनता है. विशेषज्ञों के अनुसार यह पदार्थ शिशुओं के लिए खतरनाक हो सकता है. इसके संपर्क में आने पर उल्टी, मतली, पेट में तेज दर्द और ऐंठन जैसे लक्षण उभर सकते हैं. छोटे बच्चों में इसका असर तेजी से दिखाई देता है, जिससे इसे लेकर सतर्कता और जरूरी हो जाती है.

गर्म करने पर भी खत्म नहीं होता खतरा

खाद्य मानक एजेंसी ने चेतावनी दी है कि सेरेउलाइड की सबसे बड़ी समस्या इसकी ताप-स्थिरता है. आमतौर पर माना जाता है कि उबालने या गर्म करने से बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं, लेकिन यह टॉक्सिन उबलते पानी में भी निष्क्रिय नहीं होता. यानी शिशु फॉर्मूला तैयार करने की सामान्य प्रक्रिया भी इसे खत्म नहीं कर पाती. इसी वजह से एजेंसियां इसे उच्च जोखिम वाला तत्व मान रही हैं.

किन देशों में लागू हुआ रिकॉल?

नेस्ले का यह रिकॉल मुख्य रूप से यूरोप के कई देशों में लागू किया गया है. इनमें ब्रिटेन, आयरलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, इटली, डेनमार्क, स्वीडन, फिनलैंड, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं. अलग-अलग देशों में अलग ब्रांड नामों से बिकने वाले उत्पाद प्रभावित हुए हैं. ब्रिटेन में SMA, जर्मनी में BEBA और कई जगहों पर NAN जैसे ब्रांड इस दायरे में आए हैं.

कंपनी ने क्या कहा और क्या कदम उठाए?

नेस्ले ने साफ किया है कि यह रिकॉल पूरी तरह स्वैच्छिक है और कंपनी के सख्त गुणवत्ता मानकों का हिस्सा है. कंपनी का कहना है कि उसने यह फैसला अत्यधिक सावधानी के तहत लिया है ताकि शिशुओं की सुरक्षा से कोई समझौता न हो. नेस्ले ने यह भी बताया कि अब तक इन उत्पादों के सेवन से किसी बच्चे के बीमार होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है, जो राहत की बात है.

उपभोक्ताओं के लिए सलाह और रिफंड प्रक्रिया

कंपनी ने प्रभावित बैच वाले उत्पाद खरीदने वाले अभिभावकों से अपील की है कि वे इनका उपयोग तुरंत बंद कर दें. ग्राहकों की मदद के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं. नेस्ले ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित उत्पाद लौटाने पर पूरा रिफंड दिया जाएगा. विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को घबराने के बजाय आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए और केवल सुरक्षित, प्रमाणित उत्पादों का ही इस्तेमाल करना चाहिए.