मुहम्मद यूनुस की नापाक हरकत! पाकिस्तानी जनरल को भेंट किया भारत के पूर्वोत्तर को बांग्लादेश में दिखाने वाला नक्शा
बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख मुहम्मद यूनुस को एक पाकिस्तानी जनरल को एक विवादास्पद नक्शा सौंपते हुए देखा गया. नक्से में असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया था.
नई दिल्ली: बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने एक बार फिर भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के मुद्दे पर दखल देकर कूटनीतिक विवाद को पैदा कर दी है. इस बार, यूनुस को एक पाकिस्तानी जनरल को एक विवादास्पद नक्शा दिखाते देखा गया, जिसमें असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया था.
यह घटना तब घटी जब पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने सप्ताहांत में ढाका का दौरा किया और यूनुस से मुलाकात की. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच संबंधों में गर्मजोशी आ रही है, जिनके संबंध 1971 के मुक्ति संग्राम के बाद से ऐतिहासिक रूप से तनावपूर्ण रहे हैं.
यूनुस की पाक जनरल से मुलाकात
रविवार को यूनुस ने पाकिस्तानी जनरल के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीरें ट्वीट कीं. हालांकि, यूनुस द्वारा मिर्जा को 'आर्ट ऑफ ट्रायम्फ' नामक एक किताब भेंट करने की तस्वीर, जिसके कवर पर बांग्लादेश का विकृत नक्शा छपा था, ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है.
नक्शा में भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश के हिस्से के रूप में दिखाया गया है - जो कट्टरपंथी इस्लामी समूहों द्वारा ग्रेटर बांग्लादेश के आह्वान के अनुरूप है.
सोशल मीडिया पर क्यों हो रहा बवाल
इस पोस्ट के बाद, सोशल मीडिया पर अंतरिम बांग्लादेश प्रमुख को भारत के संप्रभु क्षेत्र में बिना बुलाए दखल देने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा. भारत के विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
यूनुस और पाकिस्तान की दोस्ती
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अगस्त 2024 में यूनुस के कार्यभार संभालने के बाद से बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंधों में नरमी आई है. यह कदम हिंसक छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के कारण शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद उठाया गया है.
यूनुस द्वारा उत्तर-पूर्व का बार-बार उल्लेख
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर का ज़िक्र किया हो. पिछले कुछ महीनों में, नोबेल पुरस्कार विजेता ने विदेशी कार्यक्रमों में भारत के "भूमि से घिरे" पूर्वोत्तर राज्यों का बार-बार ज़िक्र किया है.
यूनुस के विवादित बयान
अप्रैल में अपनी पहली चीन यात्रा के दौरान, यूनुस ने यह दावा करके नई दिल्ली को नाराज कर दिया था कि बांग्लादेश इस क्षेत्र के लिए समुद्र का एकमात्र संरक्षक है, क्योंकि पूर्वोत्तर भारत भूमि से घिरा हुआ है. इसके जरिए, उन्होंने चीन को इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया.
'भारत का पूर्वी भाग...'
यूनुस ने चीनी अधिकारियों से कहा, 'भारत के सात राज्य, भारत का पूर्वी भाग... चारों ओर से स्थलरुद्ध देश हैं. उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है.'
उन्होंने आगे कहा, 'हम इस पूरे क्षेत्र के महासागर के एकमात्र संरक्षक हैं. इसलिए इससे बड़ी संभावनाएं खुलती हैं. यह चीनी अर्थव्यवस्था का विस्तार हो सकता है.'
भारत की प्रतिक्रिया
उत्तर बंगाल में 'चिकन्स नेक' कॉरिडोर के जरिए पूर्वोत्तर तक भारत की पहुंच एक चुनौती रही है और पिछले एक दशक में, नई दिल्ली ने इस क्षेत्र में पारगमन मार्गों पर ढाका के साथ सफलतापूर्वक बातचीत की है. हालांकि, यह तब हुआ जब हसीना सत्ता में थीं. यूनुस के शासनकाल में, बांग्लादेश के साथ संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर रहे हैं क्योंकि ढाका ने पाकिस्तान और चीन के साथ नज़दीकियाँ बढ़ाने की कोशिश की है.
भारत में आक्रोश
यूनुस की टिप्पणी से भारत में आक्रोश फैल गया और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के रणनीतिक महत्व की पुष्टि की. जयशंकर ने इसे बिम्सटेक के लिए एक प्रमुख संपर्क केंद्र बताया - एक ऐसा समूह जिसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं.
भारत ने एक ट्रांसशिपमेंट समझौते को भी रद्द कर दिया, जिसके तहत बांग्लादेशी माल को नेपाल, भूटान और म्यांमार के रास्ते भारतीय क्षेत्र से होकर जाने की अनुमति दी गई थी.
चीन पाकिस्तान पर हमला
मई में तनाव फिर से बढ़ गया जब यूनुस के एक करीबी सहयोगी ने सुझाव दिया कि अगर चीन पाकिस्तान पर हमला करता है तो बांग्लादेश को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर कब्ज़ा करने के लिए चीन के साथ मिलकर काम करना चाहिए. मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) फजलुर रहमान की यह टिप्पणी पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले के बाद आई थी जिसमें 26 लोग मारे गए थे.
2024 में, यूनुस के एक और करीबी सहयोगी, नाहिदुल इस्लाम ने पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और असम के कुछ हिस्सों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाते हुए एक नक्शा साझा करके ग्रेटर बांग्लादेश का विचार पेश किया. इस पोस्ट, जिसकी व्यापक आलोचना हुई, को बाद में हटा दिया गया.
भड़काऊ पोस्ट पर यूनुस की चुप्पी
बांग्लादेशी नेताओं के ऐसे भड़काऊ पोस्ट और टिप्पणियों के बावजूद, यूनुस ने चुप्पी साध रखी है. इस वजह से विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि यूनुस द्वारा बार-बार भारत के पूर्वोत्तर का ज़िक्र करना, चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ते संबंधों के बीच क्षेत्रीय गतिशीलता को प्रभावित करने की एक छिपी हुई कोशिश हो सकती है.