अमेरिका-ईरान समझौता होने के बाद मोजतबा खामेनेई का पहला बयान, ट्रंप को बताया 'Desperate'
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए MoU पर दस्तखत कर दिए गए हैं. इसके एक दिन बाद ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है.
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए MoU पर दस्तखत कर दिए गए हैं. इसके एक दिन बाद ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि ट्रंप इस डील के लिए बहुत बेताब थे और उन्होंने हर तरह का दबाव डाला. खामेनेई ने ईरान के लोगों से कहा कि शुरू में वे सिद्धांत के आधार पर इस डील के खिलाफ थे.
हालांकि, बाद में राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियन और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों ने उन्हें आश्वासन दिया कि देश के हित और रेजिस्टेंस फ्रंट की सुरक्षा बनी रहेगी. इसलिए उन्होंने मंजूरी दे दी. उन्होंने कहा, "हमारे अधिकारी ईमानदारी और अच्छी नीयत से बहुत कोशिश कर रहे थे. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति जल्दबाजी में हर तरह का दबाव डालकर यह डील करवा रहे थे."
18 जून को हुआ बड़ा समझौता:
ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति पेजश्कियन ने औपचारिक रूप से समझौते पर दस्तखत किए. यह समझौता महीनों से चल रहे तनाव को खत्म करने और आगे की बातचीत का रास्ता खोलने के लिए है. शुरू में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी वार्ताकार मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने इसे साइन किया था.
अमेरिका ने उठाया ईरान पर नौसैनिक ब्लॉकेड:
जेडी वेंस ने व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि अमेरिकी नौसेना ने अब ईरानी बंदरगाहों तक 12 से ज्यादा जहाजों को जाने दिया है. इससे ब्लॉकेड हट गया है. वेंस ने कहा कि होर्मुज की खाड़ी से तेल का परिवहन फिर शुरू हो गया है. सिर्फ बुधवार रात को ही 12.5 मिलियन बैरल तेल गुजरा. उन्होंने कहा, "हम समझौते के सैन्य हिस्से को भी पूरा कर रहे हैं."
इजरायल को चेतावनी:
जेडी वेंस ने इजरायल के आलोचकों को सख्त चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि ट्रंप इस समय इजरायल के इकलौते शक्तिशाली समर्थक हैं. इजरायल सरकार के कुछ सदस्यों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप के अलावा दुनिया में कोई और नेता फिलहाल इजरायल का साथ नहीं दे रहा. वेंस स्विट्जरलैंड जाएंगे जहां ईरान समझौते को लागू करने पर बातचीत होगी. इसमें ईरान के यूरेनियम स्टॉक को कम करने और होर्मुज से तेल आवागमन सुचारू रखने पर चर्चा होगी.
तेल टैंकरों ने ब्लॉकेड किया पार:
इस हफ्ते दो ईरानी तेल टैंकर बिना रोके अमेरिकी ब्लॉकेड पार कर गए. इनमें कुल 38 लाख बैरल कच्चा तेल था. ईरानी मीडिया के मुताबिक दक्षिणी बंदरगाहों पर शिपिंग गतिविधि सामान्य हो गई है. बड़ी शिपिंग कंपनियां भी अब होर्मुज से जहाज चला रही हैं. 110 दिनों बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के जहाज वहां से गुजरे.