ईरान ने भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले मुस्लिम देश पर बरसाए ड्रोन, वीडियो में देखें तबाही

ईरान पर अजरबैजान के नखचिवन क्षेत्र में ड्रोन हमला करने का आरोप लगा है. हमले में एयरपोर्ट की इमारत क्षतिग्रस्त हुई और दो लोग घायल हुए. अजरबैजान ने ईरानी राजदूत को तलब कर कड़ी आपत्ति जताई और जवाबी कार्रवाई का अधिकार बताया.

Chat GPT
Anuj

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच अब संघर्ष का असर साउथ कॉकेशस क्षेत्र तक पहुंचता दिख रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की तरफ से अजरबैजान के नखचिवन क्षेत्र में ड्रोन हमला किया गया. इस हमले में नखचिवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा है और दो आम लोग घायल हुए हैं. 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 5 मार्च की दोपहर के आसपास हुई. अजरबैजानी अधिकारियों का कहना है कि ईरानी इलाके से दो ड्रोन नखचिवन की ओर भेजे गए थे. इनमें से एक ड्रोन एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग पर गिरा, जिससे इमारत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और वहां आग लग गई. 

दो लोग हुए घायल

अधिकारियों ने बताया कि दूसरा ड्रोन नखचिवन के शेखराबाद गांव में एक स्कूल बिल्डिंग के पास क्रैश हो गया. इस घटना में आसपास मौजूद दो नागरिक घायल हो गए. हालांकि, किसी बड़ी जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन एयरपोर्ट की सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है.घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है.

अजरबैजान ने कड़ी निंदा की

ड्रोन हमले के बाद अजरबैजान ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. सरकार ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता के खिलाफ है. अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने इस मामले में ईरान के राजदूत मोजतबा डरमिचिलु को तलब किया और उनसे घटना को लेकर स्पष्टीकरण मांगा. और साथ ही तेहरान से कहा गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. अजरबैजान के अधिकारियों ने यह भी कहा कि देश को अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है.

पाकिस्तान का समर्थन करता है अजरबैजान

नखचिवन अजरबैजान का एक स्वायत्त क्षेत्र है, जो ईरान, तुर्किये और आर्मेनिया की सीमाओं से लगा हुआ है. यह इलाका साउथ कॉकेशस क्षेत्र में रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का हमला पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अजरबैजान अक्सर पाकिस्तान का समर्थन करता है और तुर्किये के साथ उसका मजबूत गठबंधन माना जाता है. इन तीनों देशों के बीच त्रिपक्षीय सहयोग भी देखा जाता रहा है.

बड़े संघर्ष की आशंका

हाल ही में अजरबैजान के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा भी किया था. कश्मीर मुद्दे पर भी अजरबैजान कई बार भारत के खिलाफ बयान दे चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच इस तरह की घटनाएं बड़े संघर्ष की आशंका को और बढ़ा सकती हैं.