IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

2007 के बाद जन्मे लोगों के लिए धूम्रपान पर लगा प्रतिबंध! पर्यटकों पर भी लागू होगा कानून

मालदीव ने शनिवार से एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए उन सभी लोगों के लिए धूम्रपान पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है, जिनका जन्म 1 जनवरी 2007 के बाद हुआ है. यह कदम देश को तंबाकू-मुक्त पीढ़ी की दिशा में ले जाने के उद्देश्य से उठाया गया है. 

Credit : AI
Anubhaw Mani Tripathi

मालदीव: आजकल ज्यादातर बीमारियां शराब और धूम्रपान से होती हैं, जिन पर कई देशों में प्रतिबंध है. इसी सिलसिले में मालदीव ने एक बड़ा ऐतिहासिक फैसला लिया है. दरअसल, शनिवार से एक नया नियम लागू हो गया है, जिसके तहत 1 जनवरी 2007 के बाद जन्मे लोगों पर धूम्रपान का पूर्ण प्रतिबंध लग जाएगा.

देश को तंबाकू मुक्त पीढ़ी की ओर ले जाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है. इस फैसले के साथ मालदीव दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जिसने आधिकारिक तौर पर "पीढ़ीगत धूम्रपान प्रतिबंध" लागू किया है. यह नीति राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पहल पर तैयार की गई थी और 1 नवंबर 2025 से प्रभावी हो गई है. 

नई पीढ़ी को तंबाकू की लत से बचाना उद्देशय 

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस नए नियम के तहत अब 2007 या उसके बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद खरीदने, उपयोग करने या बेचने की अनुमति नहीं होगी. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, “यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने और नई पीढ़ी को तंबाकू की लत से बचाने के लिए उठाया गया है. खुदरा विक्रेताओं को बिक्री से पहले उम्र की जांच करना अनिवार्य किया गया है.”

मालदीव के इस नियम का असर सिर्फ नागरिकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश में आने वाले पर्यटकों पर भी लागू होगा. यानी अगर कोई विदेशी व्यक्ति भी इस उम्र समूह में आता है, तो वह मालदीव में तंबाकू उत्पादों का उपयोग नहीं कर सकेगा.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी विशेष जानकारी 

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (ई-सिगरेट) और वेपिंग उत्पादों पर पहले से ही पूर्ण प्रतिबंध लागू है. इनका आयात, बिक्री, वितरण, स्वामित्व और उपयोग सभी उम्र के लोगों के लिए निषिद्ध है. नए कानून के अनुसार, नाबालिग को तंबाकू उत्पाद बेचने पर 50,000 रुफ़िया (करीब 3,200 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं वेप डिवाइस का उपयोग करने पर 5,000 रुफ़िया (लगभग 320 अमेरिकी डॉलर) का दंड निर्धारित किया गया है.

मालदीव की यह नीति वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है. ब्रिटेन में भी इसी तरह का प्रस्ताव अभी संसद में विचाराधीन है, जबकि न्यूज़ीलैंड, जिसने सबसे पहले ऐसा कानून लागू किया था, उन्होंने नवंबर 2023 में उसे वापस ले लिया था. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मालदीव का यह निर्णय आने वाले वर्षों में अन्य देशों को भी प्रेरित कर सकता है, क्योंकि यह कदम आने वाली पीढ़ी को धूम्रपान और तंबाकू की लत से बचाने में एक बड़ा परिवर्तन ला सकता है.