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जिसमें सवार थे इब्राहिम रईसी, उसे क्यों कहते हैं 'खूनी हेलिकॉप्टर'? समझिए पूरी बात

इस हादसे में ईरान के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री दोनों की मौत हो गई है. ऐसे में आज हम आपको इस हेलीकॉप्टर के बारे में बताते हैं जिस हेलीकॉप्टर में ये हादसा हुआ.

India Daily Live

नई दिल्ली: ईरान के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री को ले जा रहा एक बेल 212 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था. ईरानी राज्य मीडिया की मानें तो, रविवार को घटी इस दुर्घटना में ईरानी राष्ट्रपति की मौत हो गई. दरअसल, ये हेलीकॉप्टर घने कोहरे में पहाड़ों से होकर जा रहा था उसी वक्त ये हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हुआ. एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि उस हेलीकॉप्टर में जितने सवार थे सभी की मौत हो गई है. हेलीकॉप्टर के क्रैश होने के बाद सोमवार को इसके मलबे का पता लगा.

इस हादसे में ईरान के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री दोनों की मौत हो गई है. ऐसे में आज हम आपको इस हेलीकॉप्टर के बारे में बताते हैं जिस हेलीकॉप्टर में ये हादसा हुआ.

कब बना बेल हेलीकॉप्टर ?

बेल हेलीकॉप्टर जो कि बेल टेक्सट्रॉन, टेक्सट्रॉन इंक का एक हिस्सा है. आपको बता दें कि बेल टेक्सट्रॉन इंक अमेरिकी एयरोस्पेस निर्माता है, जिसका हेडक्वार्टर टेक्सास के फोर्ट वर्थ में स्थित है. इसी कंपनी का यह बेल 212 हेलीकॉप्टर है.

यह बेल हेलीकॉप्टर ने साल 1960 के दशक के आखिरी में लाया गया जो कि मूल UH-1 Iroquois के रूप में कनाडाई सेना के लिए नए शिरे से बनाई गई. इस नए डिज़ाइन में एक के बजाय दो टर्बोशाफ्ट इंजन का इस्तेमाल किया गया, जिससे इसकी क्षमता ज्यादा हो गई. अमेरिकी सैन्य प्रशिक्षण दस्तावेजों की मानें तो, इस बेल हेलीकॉप्टर को साल 1971 में लाया गया था और संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा दोनों ने इसको अपना लिया.

बेल 212 हेलीकॉप्टर की बात करें तो ये बेल 205 का अपग्रेड वर्जन है जिसने जल्दी ही खुद को हेलीकॉप्टर इंडस्ट्री में स्थापित कर लिया. बेल 205 हेलीकॉप्टर अपग्रेड वर्जन पहले की तुलना में और शक्तिशाली और बेहतरीन माना गया है. यही कारण है कि इसकी डिमांड बढ़ने लगी. परिवहन से लेकर सर्च ऑपरेशन और सैन्य अभियानों के लिए इसकी डिमांड होने लगी. हालांकि, इतनी गुणों के बावजूद ईरान के राष्ट्रपति का बेल 212 हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हो गया और यही नहीं पिछले साल में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं.