menu-icon
India Daily

सैन डिएगो में चाइल्ड सेक्स के मामले में पकड़े गए भारतीय मूल के प्रोफेसर, वायरल हुआ स्टिंग ओपरेशन का वीडियो

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैन डिएगो के भारतीय मूल के प्रोफेसर निसर्ग शाह पर नाबालिग से यौन संबंध बनाने की कोशिश का आरोप लगा है. एक स्टिंग ऑपरेशन के वायरल वीडियो में उन्हें पकड़ा गया, जिसे 'People v Preds' संगठन ने अंजाम दिया. पुलिस ने उनका मोबाइल जब्त कर लिया है और जांच जारी है, हालांकि अभी कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है. शाह ने आरोपों से इनकार किया है, जबकि विश्वविद्यालय ने जांच में सहयोग का वादा किया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
सैन डिएगो में चाइल्ड सेक्स के मामले में पकड़े गए भारतीय मूल के प्रोफेसर, वायरल हुआ स्टिंग ओपरेशन का वीडियो
Courtesy: web

San Diego Professor Caught in Child Abuse: सैन डिएगो की एक शांत सड़क पर शनिवार 2 अगस्त को उस समय हलचल मच गई, जब भारतीय मूल के प्रोफेसर निसर्ग शाह को एक स्टिंग ऑपरेशन में पकड़ा गया. यह ऑपरेशन अमेरिकी संगठन 'People v Preds' ने किया, जो ऑनलाइन बच्चों का शिकार करने वालों को बेनकाब करने के लिए जाना जाता है. वायरल हुए वीडियो में शाह को एक नाबालिग से कथित तौर पर यौन संबंध बनाने की कोशिश करते दिखाया गया. यह घटना न केवल शाह के करियर पर सवाल उठाती है, बल्कि विश्वविद्यालय और समाज में गंभीर चर्चा का विषय बन गई है.

'People v Preds' के कार्यकर्ता टिम जॉनसन ने सैन डिएगो के हिलक्रेस्ट इलाके में 'Pavilions' ग्रॉसरी स्टोर के बाहर शाह का सामना किया. वीडियो में शाह को यह स्वीकार करते सुना गया कि वे 'Grindr' ऐप पर एक 14 साल के लड़के समझकर बात कर रहे थे, जबकि खुद को 28 साल का बताया. वे अपने साथ लुब्रिकेंट और डूश लेकर आए थे, ताकि मुलाकात के लिए "तैयारी" हो सके. वीडियो में शाह बार-बार पछतावा जताते दिखे. वो बार-बार कह रहे थे कि 'मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी, मुझे बहुत बुरा लग रहा है.' यह स्टिंग ऑपरेशन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने शाह को सुर्खियों में ला दिया.

पुलिस ने क्या कार्रवाई की

घटना के बाद सैन डिएगो पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शाह को गिरफ्तार नहीं किया, लेकिन उनका मोबाइल जब्त कर लिया और मामला 'Internet Crimes Against Children (ICAC)' टास्क फोर्स को सौंप दिया. मामले को लेकर लेफ्टिनेंट ट्रैविस ईस्टर ने बताया कि जांच चल रही है, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक आरोप दर्ज नहीं हुआ है. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आम नागरिकों द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन खतरनाक हो सकते हैं, क्योंकि इनके लिए विशेष प्रशिक्षण की जरूरत होती है. पुलिस ने इस तरह के मामलों में सतर्कता और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया.

विश्वविद्यालय का रुख

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैन डिएगो ने इस मामले पर त्वरित प्रतिक्रिया दी. विश्वविद्यालय ने बयान जारी कर कहा कि वे शाह पर लगे आरोपों से अवगत हैं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे. विश्वविद्यालय ने परिसर की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया और यौन उत्पीड़न या हिंसा के किसी भी आरोप को गंभीरता से लेने की बात कही. साथ ही, पीड़ितों से संपर्क करने और सहायता लेने की अपील की. शाह अभी भी विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर हैं, लेकिन उनकी स्थिति पर जांच के बाद ही फैसला लिया जाएगा.

निसर्ग शाह का पक्ष

निसर्ग शाह ने आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. एक स्थानीय समाचार पोर्टल को दिए जवाब में उन्होंने कहा, "ये आरोप बेबुनियाद हैं. मैं अपनी बात रखना चाहता था, लेकिन मेरे वकील ने मना किया. वे आपसे बात करने को तैयार हैं. 'शाह एक प्रतिष्ठित शोधकर्ता हैं, जिन्होंने MIT से केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की और हार्वर्ड के Wyss Institute में पोस्टडॉक्टरल रिसर्च किया है. वे नैनोस्केल मटेरियल्स और इम्यूनोइंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम करते हैं. इस घटना ने उनके करियर और प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.