menu-icon
India Daily

पाकिस्तान आतंकवाद का 'Epicentre', आतंकियों को 'स्वतंत्रता सेनानी' बताने पर भारत ने UN में पाक का नकाब उतारा

India slams Pakistan at the UN: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वह आतंकवाद को “स्वतंत्रता संग्राम” बताकर दुनिया को गुमराह कर रहा है. भारत के प्रतिनिधि रघु पुरी ने पाकिस्तान को “आतंक का गढ़” बताया और कहा कि वह निर्दोषों पर हमले करने वाले आतंकियों को संरक्षण देता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक या धार्मिक कारण से आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता.

Anubhaw Mani Tripathi
पाकिस्तान आतंकवाद का 'Epicentre', आतंकियों को 'स्वतंत्रता सेनानी' बताने पर भारत ने UN में पाक का नकाब उतारा
Courtesy: X/ @airnewsalerts

UN General Assembly’s Third Committee: संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को उसके दोहरे रवैये और आतंकवाद के समर्थन के लिए कड़ी फटकार लगाई है. भारत ने कहा कि पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद को सही ठहराने की कोशिश करता है और आतंकियों को “स्वतंत्रता सेनानी” बताकर उनके करतूतों को सही साबित करना चाहता है. भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का केंद्र (Epicentre of Terrorism) बन चुका है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में हुई चर्चा के दौरान पाकिस्तान के प्रतिनिधि मुहम्मद जवाद अजमल ने दावा किया कि भारत पर हमले करने वाले स्वतंत्रता सेनानी हैं, जो विदेशी कब्जे के खिलाफ अपना वैध अधिकार प्रयोग कर रहे हैं. इस बयान पर भारत के पहले सचिव रघु पुरी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि आतंकवाद किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता.

'पाकिस्तान की धरती आतंकवाद की जननी'- पूरी

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान का यह बयान उसके “दोहरापन और पाखंड” को उजागर करता है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान न केवल अपने पड़ोसी देशों में बल्कि पूरी दुनिया में कई आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र में दो टूक कहा कि पाकिस्तान की धरती आतंकवाद की जननी बन चुकी है, जहां से निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाले आतंकी संगठनों को संरक्षण और समर्थन मिलता है.

पुरी ने पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून की गलत व्याख्या पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के स्वयं के प्रस्ताव रूप से कहती हैं कि किसी भी राजनीतिक, धार्मिक या वैचारिक उद्देश्य के नाम पर आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता.

आतंकवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश

यह बहस उस समय सामने आई जब संयुक्त राष्ट्र के “आतंकवाद के विरुद्ध बुनियादी स्वतंत्रताओं के विशेष प्रतिवेदक” (Special Rapporteur) के साथ एक संवाद चल रहा था. भारत ने इस मौके पर याद दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन (Comprehensive Convention on International Terrorism) पर बातचीत वर्षों से इसलिए रुकी हुई है क्योंकि पाकिस्तान और कुछ अन्य देश आतंकियों को “स्वतंत्रता सेनानी” घोषित करने पर जोर दे रहे हैं.

भारत ने पाकिस्तान द्वारा इस्लामोफोबिया का मुद्दा उठाकर आतंकवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश को भी सिरे से खारिज कर दिया. रघु पुरी ने कहा कि यह पाकिस्तान का एक “निरर्थक प्रयास” है, ताकि वह अपने ही अत्याचारों को छिपा सके.

भारत ने संयुक्त राष्ट्र को याद दिलाया कि आतंकवाद आज मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और जो देश इसे बढ़ावा देते हैं या समर्थन करते हैं, वे वास्तव में मानवाधिकारों के सबसे बड़े उल्लंघनकर्ता हैं. पुरी ने अंत में कहा, 'आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है, और पाकिस्तान जैसे देश जो इसे शरण और समर्थन देते हैं, वे मानवाधिकारों के सबसे गंभीर हननकर्ता हैं.'